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सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत सिंह के बारे में जान लीजिए, इन्हें लेकर आगे की सोच रहे अखिलेश?

रजत सिंह

Ghosi Upchunav: सुजीत सिंह राजनीति में काफी सक्रिय हैं. इसके अलावा वह पढ़ाई लिखाई में भी काफी होशियार रहे हैं. सुजीत सिंह दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी सक्रियता को लेकर हमेशा चर्चा रहती है. इस बीच घोषी उपचुनाव में सुजीत सिंह को सपा की तरफ से उम्मीदवार बनाए जानें की चर्चा काफी तेज है.

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Akhilesh Yadav and Sujeet singh
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Ghosi Vidhansabha Seat: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से घोसी विधानसभा सीट चर्चा में है. सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई है और जल्द ही उपचुनाव की घोषणा हो सकती है.  इस बीच समाजवादी पार्टी की ओर से सपा के दिग्गज नेता रहे सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें तेज हैं. इस चर्चा की असली वजह है सपा प्रमुख अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव का हालिया बयान. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 13वीं के मौके पर सुधाकर सिंह के घर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने अपना श्रद्धा सुमन व्यक्त किया. वहीं जब अखिलेश यादव से सुजीत सिंह की उम्मीदवारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'पार्टी में इसपर बात की जाएगी...हम सुजीत को आगे बढ़ाएंगे.  वहीं शिवपाल यादव ने भी कुछ ऐसा ही मिलता जुलता जवाब दिया. ऐसे में आइए जानने की कोशिश करते हैं कि सुजीत सिंह कौन हैं जिसे सपा घोषी उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बना सकती है.

कौन हैं सुजीत सिंह

सुजीत सिंह राजनीति में काफी सक्रिय हैं. इसके अलावा वह पढ़ाई लिखाई में भी काफी होशियार रहे हैं. सुजीत सिंह दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी सक्रियता को लेकर हमेशा चर्चा रहती है. उन्होंने 2013 में भारतीय विद्यापीठ विश्वविद्यालय पुणे से MBA की डिग्री हासिल की और अपने बैच के टॉपर रहने के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित हुए.  2015 में उन्होंने लखनऊ के शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में PhD की डिग्री भी प्राप्त की. 2015 में उन्हें सपा के समर्थन से दादनपुर से निर्विरोध विदेशी प्रत्याशी चुना गया था.

2023 के उपचुनाव में भी सुजीत सिंह के नाम की थी चर्चा

सुजीत सिंह की उम्मीदवारी की चर्चा साल 2023 के उपचुनाव के दौरान भी खूब हुई थी.  हालांकि उस वक्त उन्हें टिकट नहीं मिला.। इसके पीछे का कारण यह था कि 2023 का उपचुनाव बहुत ही फंसा हुआ था और इसे 2024 लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था. बीजेपी के साथ ओम प्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान जैसे दिग्गज नेता थे. तब अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा दिया था और बीजेपी से बागी होकर आए सुधाकर सिंह को उम्मीदवार बनाया गया जिन्होंने सपा को बड़ी जीत भी दिलाई.

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बता दें कि सुधाकर सिंह और अखिलेश यादव के बीच पारिवारिक रिश्ता भी काफी मजबूत रहा है. यही वजह है कि सुधाकर सिंह के निधन के बाद अस्पताल में सुजीत सिंह अखिलेश यादव के गले लगकर रोते दिखे. इस दौरान की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं जिसमें सपा प्रमुख सुजीत सिंह को सांत्वना देते नजर आ रहे थे. वहीं सुजीत सिंह ने अखिलेश यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा था कि वे परिवार के मुखिया के रूप में आशीर्वाद देने आए थे. अब जब घोसी में फिर से उपचुनाव की संभावना है तो यह माना जा रहा है कि यह चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बन सकता है.

यहां देखें पूरी वीडियो रिपोर्ट

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