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मैं PDA में फिट... विनोद चतुर्वेदी ने इसलिए सपा छोड़ने का किया फैसला, अब बताई असल वजह

कालपी से सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भाजपा में शामिल होने के फैसले की वजह बताते हुए कहा कि वह सपा की विचारधारा और PDA के नारे से खुद को जुड़ा हुआ नहीं महसूस करते थे. उन्होंने राम मंदिर में दर्शन के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व के रुख से नाराजगी जताई और दावा किया कि योगी सरकार में बिना भेदभाव के लोगों को सहायता मिली.

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समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने जा रहे कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी ने अपने फैसले की वजह बताई है. उनका कहना है कि वह समाजवादी पार्टी की विचारधारा और PDA के नारे के साथ खुद को फिट नहीं पाते थे.

राम मंदिर में दर्शन के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व के रुख से भी उन्हें ठेस पहुंची थी. चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें मौजूदा सरकार में धर्म और समानता दोनों नजर आते हैं. उनके मुताबिक, जनता के काम कराने और क्षेत्र का विकास करने के लिए उन्होंने भाजपा के साथ जाने का फैसला किया है.

कांग्रेस से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर

विनोद चतुर्वेदी ने बताया कि उनके पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे. वह खुद कांग्रेस की राजनीति करते थे और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ब्यासी गांव के ग्राम प्रधान के रूप में की थी.

उनका कहना है कि कांग्रेस में रहते हुए जब उन्हें लगा कि लगातार काम करने के बावजूद नेतृत्व उन पर भरोसा नहीं कर रहा है, तो उन्हें ठेस पहुंची. पार्टी की बैठकों और संगठन से जुड़े कामों को लेकर भी वह नेतृत्व से सहमत नहीं थे. उन्होंने अपनी बात रखी, लेकिन जब उनकी सलाह को महत्व नहीं मिला तो उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी.

इसके बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर कालपी से विधायक बने.

राम मंदिर में दर्शन को लेकर भी जताई नाराजगी

विनोद चतुर्वेदी ने समाजवादी पार्टी छोड़ने की एक वजह राम मंदिर में दर्शन का मुद्दा भी बताया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के उद्घाटन के समय विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन में कहा था कि जो विधायक दर्शन के लिए अयोध्या जाना चाहते हैं, उनके लिए व्यवस्था की जाएगी.

चतुर्वेदी के मुताबिक, उनके माता-पिता पूजा-पाठ में विश्वास रखते थे और परिवार में धर्म के प्रति आस्था रही है, इसलिए वह भी राम मंदिर में दर्शन करना चाहते थे... लेकिन पार्टी हाईकमान की ओर से रोकने का आदेश आया, जिससे उन्हें ठेस पहुंची.

उन्होंने PDA के नारे को लेकर भी अपनी असहमति जाहिर की. चतुर्वेदी ने कहा कि जब उन्होंने PDA में 'P' का मतलब पूछा, तो उन्हें लगा कि वह इस विचारधारा में फिट नहीं बैठते.

उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड के तीन जिलों की नौ विधानसभा सीटों में से समाजवादी पार्टी आठ सीटें हार गई थी. केवल कालपी से वह सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे. चतुर्वेदी ने 2024 का लोकसभा चुनाव 2022 के विधानसभा चुनाव की रणनीति के आधार पर लड़ने की सलाह भी दी थी, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व की अपनी विचारधारा थी. उनके मुताबिक, इन वजहों से उन्होंने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया.

‘सरकार ने बिना भेदभाव के लोगों की मदद की’

विनोद चतुर्वेदी ने भाजपा में जाने के फैसले के पीछे मौजूदा सरकार के कामकाज का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अपने करीब ढाई साल के विधायक कार्यकाल में जब भी उन्होंने जनता की मदद या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए सरकार से आर्थिक सहायता मांगी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदद दी.

उनका दावा है कि उन्होंने करीब 60 करोड़ रुपये की सहायता दिलाई. इसमें से 30 करोड़ रुपये हर वर्ग के लोगों को मिले. उन्होंने कहा कि मकान, अनाज और विकास कार्यों में भी भेदभाव नहीं हुआ.

चतुर्वेदी ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि 2007 से 2012 के बीच जब वह कांग्रेस के विधायक थे, तब मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदद देने में लेटरपैड देखकर भेदभाव किया जाता था. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयुष्मान कार्ड, आवास और शिक्षा जैसी योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक पहुंच रहा है.

उन्होंने कहा कि गरीब चाहे अल्पसंख्यक समुदाय से हो, सामान्य वर्ग से, ओबीसी या अनुसूचित जाति से, सभी को समान सुविधाएं मिलनी चाहिए. चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री की ओर से आयोजित 741 सामूहिक विवाहों का उदाहरण देते हुए कहा कि इनमें 72 जोड़े अल्पसंख्यक समुदाय के थे.

कालपी में सड़क और बिजली की समस्याओं का किया जिक्र

विनोद चतुर्वेदी ने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को भी भाजपा के साथ जाने की वजह बताया. उन्होंने कहा कि कालपी का इलाका एक तरफ यमुना और दूसरी तरफ पांच नदियों से घिरा है. क्षेत्र के कई हिस्सों में सड़क और बिजली की व्यवस्था खराब थी.

उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उन्होंने विकास से जुड़ी जो मांगें रखीं, उन्हें पूरा किया गया और क्षेत्र के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए गए. चतुर्वेदी ने बताया कि उरई में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि चतुर्वेदी ने विकास की मांग की है और सरकार क्षेत्र का विकास करेगी.

उन्होंने कालपी शहर की एक सड़क का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे बनवाने की मांग 2004 से की जा रही थी, लेकिन 2022 तक सड़क नहीं बन सकी थी. उनके मुताबिक, 2023 में इस सड़क का निर्माण 4.76 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया.

चतुर्वेदी ने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधि से बिजली, पानी, सड़क और पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद करती है. उनका मानना है कि इन जरूरतों को पूरा करना ही विधायक की प्राथमिकता होनी चाहिए.

14 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता लेंगे विनोद चतुर्वेदी

विनोद चतुर्वेदी ने बताया कि वह 14 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे. उनके साथ गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह और गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे.

चतुर्वेदी के मुताबिक, तीनों नेता केंद्रीय मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी के नेतृत्व में भाजपा में शामिल होंगे.