लेटेस्ट न्यूज़

यूपी में बीजेपी ने घोषित किए 5 जिलों के नए जिलाध्यक्ष, देखें अंबेडकर नगर, वाराणसी और देवरिया समेत पूरी लिस्ट

बीजेपी ने यूपी के पांच नए जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान कर संगठनात्मक बदलाव की बड़ी शुरुआत कर दी है. वाराणसी, गोरखपुर समेत अहम जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. अब जल्द ही प्रदेश पदाधिकारियों की नई सूची जारी होने की चर्चा तेज हो गई है.

ADVERTISEMENT

Photo: CM Yogi and Pankaj Chaudhary
Photo: CM Yogi and Pankaj Chaudhary
social share
Google CTA

UP political news: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पांच जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी गई है. इस लिस्ट में अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्र के जिलों को शामिल किया गया है. बता दें कि दिलीप देव पटेल को अम्बेडकरनगर, राम सकल पटेल को वाराणसी, काशी नाथ सिंह को चंदौली, रमेश प्रसाद गुप्ता को गोरखपुर महानगर और काली प्रसाद को देवरिया का जिलाध्यक्ष घोषित किया गया है. राजनीतिक गलियारों में इस घोषणा को आगामी चुनावों और संगठन पुनर्गठन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इसके साथ ही यह संभावना भी तेज हो गई है कि पार्टी जल्द ही अपने नए प्रदेश पदाधिकारियों की पूरी सूची भी जारी कर सकती है.

हाई-प्रोफाइल जिलों पर फोकस

बीजेपी ने अंबेडकर नगर, वाराणसी, चंदौली, गोरखपुर महानगर और देवरिया में नए  जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा की है. इस लिस्ट में अवध क्षेत्र से 1, काशी क्षेत्र से 2 और गोरखपुर क्षेत्र से 2 जिलों के नाम शामिल हैं.  पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर (महानगर) में नए अध्यक्षों को जिम्मेदारी मिली है.  

जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश

पार्टी ने इस सूची के जरिए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को पूरी तरह संतुलित करने का प्रयास किया है.

अवध क्षेत्र: अंबेडकर नगर में पार्टी ने दिलीप देव पटेल पर भरोसा जताया है.

काशी क्षेत्र: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राम सकल पटेल को कमान सौंपी गई है. वहीं चंदौली में काशीनाथ सिंह को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है.

गोरखपुर क्षेत्र: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर महानगर में रमेश प्रसाद गुप्ता को जिलाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं देवरिया जिले की जिम्मेदारी काली प्रसाद को सौंपी गई है.

जल्द आएगी अगली सूची

बीजेपी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि इन पांच जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद अब संगठन के स्तर पर लंबित पड़े काम पूरे हो गए हैं. अब पार्टी का पूरा ध्यान प्रदेश संगठन को नया रूप देने पर है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस सूची के जारी होने के बाद अब बहुत जल्द ही उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश पदाधिकारियों (उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री और मोर्चा अध्यक्षों) की नई और विस्तृत सूची भी सामने आ सकती है. नए पदाधिकारियों की टीम में नए चेहरों को मौका देकर पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है.