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आजम खान के घर IT को मिला इतना कैश, विभाग को इस बड़ी गड़बड़ी की है आशंका

संतोष शर्मा

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान (Azam Khan News) के घर पर बुधवार सुबह से शुरू हुई आयकर विभाग की जांच में रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी पकड़ी गई है. लगभग 80 घंटे तक चली आयकर विभाग की जांच में टीम को कैश और जेवरात तो ज्यादा नहीं मिले, लेकिन जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमिता कर रकम हड़पने के दस्तावेजी सबूत जरूर हाथ लगे हैं. फिलहाल रामपुर में आजम खान के घर पर छापेमारी के दौरान आयकर विभाग की टीमें बैग में दस्तावेज अपने साथ जब्त कर ले गई है.

बुधवार सुबह से आजम खान के रामपुर स्थित आवास से लेकर लखनऊ सीतापुर समेत कई शहरों में आयकर विभाग की टीमों ने छापेमारी की. लखनऊ, सीतापुर में तो यह छापेमारी एक दिन में खत्म हो गई, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के रामपुर स्थित घर पर छापेमारी करीब 80 घंटे चली, जो शुक्रवार देर रात 10 बजे खत्म हुई. इस जांच के दौरान आयकर विभाग को शक है कि जौहर ट्रस्ट के जरिए करीब 800 करोड़ की टैक्स चोरी की गई है.

आजम के घर से मिला ये सब

आरोप है कि रामपुर में जौहर ट्रस्ट द्वारा मौलाना अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में अनियमितता कर टैक्स चोरी की गई है. इस छापेमारी के दौरान ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियो के घर पर भी छापेमारी की गई, तो करीब 2 करोड़ रुपये नगदी और जेवरात भी मिले. बरामद जेवरात का वजन कर और मूल्यांकन मेमो घर मालिक से दस्तखत करा कर जेवरात वापस कर दिए गए.

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दस्तावेज की जांच में ये पता चला

दस्तावेज की जांच में पता चला है कि आजम खान ने जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में 40 करोड़ रुपए खर्च होने का दावा किया, लेकिन जब विश्वविद्यालय की इमारत का इंजीनियरों से मूल्यांकन कराया तो उसकी लागत 1000 करोड़ से अधिक की आंकी गई है. विश्वविद्यालय के लिए खरीदी गई जमीन की पड़ताल में भी आयकर विभाग को शक है कि बड़ी गड़बड़ी हो सकती है. छापेमारी मे ट्रस्ट के पदाधिकारी के घर से विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर कोई दस्तावेज मौजूद नहीं थे. कैसे ठेकेदारों और सप्लायरों को भुगतान किया गया, इसका ब्योरा गायब था.

आयकर विभाग की जांच में पता चला है कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण से पहले पीडब्ल्यूडी का गेस्ट हाउस सड़क, बिजली विभाग का सब स्टेशन बनाया गया. जब विश्वविद्यालय का निर्माण किया गया तो आजम खान ने इन तीन सरकारी इमारत की बाउंड्री खींचकर परिसर के अंदर कर लिया.

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फिलहाल आजम खान और जौहर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी के ठिकानों पर की गई छापेमारी में मिले दस्तावेजों की अब आयकर विभाग जांच कर रहा है. विभाग के सूत्रों के अनुसार, मिले दस्तावेज का भी वेरिफिकेशन कराया जाएगा, तब पता चलेगा कि कितने की टैक्स चोरी हुई है. वहीं, जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में जमीनों की खरीद को लेकर भी रामपुर तहसील से भी ब्यौरा मांगा जाएगा कि कब कौन सी जमीन कितने में खरीदी गई, किसने बेची और उस जमीन की मार्केट वैल्यू कितनी है. इस पूरी प्रक्रिया में 15 दिन से अधिक का वक्त लग सकता है. तभी पता चलेगा कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में कितने की टैक्स चोरी हुई कितने की वित्तीय गड़बड़ियां की गईं.

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