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अखिलेश बोले- ‘योगी शूद्र की परिभाषा नहीं बता सकते’, लगाया ये बड़ा आरोप, BJP को यूं घेरा

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) गाजीपुर दौरे पर आए. इस दौरान सपा चीफ…

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समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) गाजीपुर दौरे पर आए. इस दौरान सपा चीफ अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) को लेकर भी तंज कसे.

ये कहा अखिलेश यादव ने

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा पर निशाना साधते हुए ‘समाजवादी गुंडे’ शब्द का इस्तेमाल किया था. अब इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है, बल्कि उनके ऊपर हुए मुकदमा वापस हुए हैं.

अखिलेश यादव ने कहा, “वो डिप्टी सीएम हैं और उनके मुकदमे वापस हुए हैं. मुख्यमंत्री जी को असिस्टेंट चाहिए था कि कोई उनकी अनुपस्थिति में खासकर पिछड़े वर्ग का हो, वो बोले. भाजपा में पिछड़ा जो चला जाता है उसकी आत्मा मर जाती है. वहां पिछड़ों को अपमानित किया जाता है. शर्म आनी चाहिए. उन्हें तो स्टूल पर बैठाया गया है.

शूद्र को लेकर पर फिर बोले अखिलेश

इस दौरान अखिलेश यादव ने शूद्र पर फिर अपनी बात रखी. शूद्र के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी शूद्र की परिभाषा कभी नहीं बता सकते. अखिलेश यादव ने कहा, “ जब मुख्यमंत्री अपने पड़ोसी जिले में गए थे और उन्हें शूद्र बच्चों से मिलना था, तो उन्हें साबुन से नहलाया गया था. कहा था कि इनमें स्मेल आती है.”

इस दौरान सपा चीफ ने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री ने कालिदास मार्ग को गंगाजल से नहीं धुलया था. गंगा जल को आचमन लायक बनाओ. देखना आपको गोमती भी काली मिलेगी. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा कभी सामने नहीं आना चाहती थी. कर्ण ने क्या महसूस किया था,  दिनकर जी का क्या भाव था, बीजेपी को याद करना चाहिए. मैं खुद मंदिर जाना चाहता था तो मुझे क्यों रोका गया. ये लोग कहीं न कहीं आपको अपमानित करा देंगे. भगवान सभी के हैं.

इस दौरान सपा अध्यक्ष ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा. उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी जातिगत जनगणना नहीं करना चाहेगी. ओमप्रकाश राजभर के सवाल पर अखिलेश ने तंज कसते हुए गाना गाया. उन्होंने कहा कि मुझे गाना याद आ रहा है. चल सन्यासी मंदिर में, चिमटा बजे न बजे कंगना तो बज ही रहा होगा.

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