'सब समय का इंतजार कर रहे हैं..' अब्बास अंसारी ने संजय निषाद, अनुप्रिया, जयंत चौधरी समेत इन नेताओं को लेकर कर दी बड़ी भविष्यवाणी!
उत्तर प्रदेश के मऊ में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं.
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Abbas Ansari News: उत्तर प्रदेश के मऊ में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं. मऊ स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अब्बास ने भाजपा नेता शक्ति सिंह के साथ अपने पारिवारिक रिश्तों का जिक्र किया. उन्होंने शक्ति सिंह को अपना भाई बताते हुए कहा कि उनके पिता और अब्बास के पिता मुख्तार अंसारी के बीच साल 1996 से 2019 तक बेहद घनिष्ठ संबंध रहे. वहीं, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और अखिलेश यादव को लेकर चल रहे पोस्टर वार पर उन्होंने इसे भाजपा की ओछी राजनीति बताया. अब्बास ने आरक्षण के मुद्दे पर सहयोगी दलों की भूमिका, विधान परिषद चुनाव और कई नेताओं के राजनीतिक रुख पर भी अपनी बात रखी.
शक्ति सिंह को बताया भाई
भाजपा नेता शक्ति सिंह पर मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराने के आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर अब्बास अंसारी ने पुराने संबंधों का जिक्र किया. बता दें शक्ति सिंह भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पश्चिम बंगाल भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रभारी हैं. अब्बास ने कहा कि शक्ति उनके भाई हैं और उनके पिता मुख्तार अंसारी के बहुत करीबी साथियों में शामिल रहे हैं. उनके मुताबिक दोनों परिवारों के बीच 1996 से लेकर करीब 2019 तक घनिष्ठ संबंध रहे. अब्बास ने कहा कि राजनीति में कई बार परिस्थितियां रिश्तों को प्रभावित करती हैं. उन्होंने ओमप्रकाश राजभर का उदाहरण देते हुए कहा कि आज जो मजबूरी ओमप्रकाश चाचा की है, कहीं न कहीं वैसी ही मजबूरी शक्ति भाई की भी हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि वे और शक्ति अलग नहीं हैं.
'ऊपर वाला चाहेगा तो मेरा भाई मेरी मदद करेगा'
शक्ति सिंह और अपने बीच मौजूदा रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर अब्बास अंसारी ने कहा कि उनका रिश्ता बहुत अच्छा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ऊपर वाला चाहेगा तो उनका भाई उनकी मदद करेगा. जब उनसे पूछा गया कि मुख्तार अंसारी के करीबियों पर लगातार कार्रवाई हुई, लेकिन कुछ लोग बच गए, तो अब्बास ने जवाब दिया, 'इसीलिए तो बच गए, समय से निकल लिए.' उनके इस बयान में पुराने राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों का संदर्भ था. बातचीत के दौरान उन्होंने शक्ति सिंह को लेकर किसी तरह की व्यक्तिगत दुश्मनी की बात नहीं कही, बल्कि दोनों परिवारों के पुराने रिश्तों पर जोर दिया. बता दें यह बातचीत मऊ के सपा कार्यालय में पत्रकारों के साथ हुई, जहां अब्बास अंसारी ने अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी.
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पोस्टर वार को बताया ओछी राजनीति
मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से जुड़े पोस्टर वार पर सवाल पूछे जाने पर अब्बास अंसारी ने भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी की ओछी राजनीति बताया. अब्बास ने कहा कि जो व्यक्ति इस दुनिया में नहीं है, उसके नाम पर भी राजनीति की जा रही है. इस दौरान उन्होंने कुछ अन्य नेताओं के नाम लेते हुए सवाल किया कि बृजेश सिंह, सुशील सिंह, विनीत सिंह, धनंजय सिंह और अभय सिंह क्या संत हैं? उन्होंने कहा कि अगर किसी एक व्यक्ति को लेकर राजनीतिक सवाल उठाए जा रहे हैं, तो दूसरे लोगों को लेकर भी सवाल होने चाहिए. अब्बास ने यह तर्क देते हुए भाजपा की राजनीति पर सवाल खड़े किए और कहा कि इस तरह के मुद्दों को उठाने में समान दृष्टिकोण होना चाहिए.
दाऊद इब्राहिम से जुड़े संदर्भ पर भी उठाए सवाल
पोस्टर वार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अब्बास अंसारी ने दाऊद इब्राहिम से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दाऊद इब्राहिम को देश का दुश्मन और आतंकवादी माना जाता है, तो उससे संबंधित मामले में चार्जशीटेड व्यक्ति को 'माननीय' कहकर संबोधित करने और 'श्री' लगाकर पत्र भेजने पर सरकार क्या कहेगी. अब्बास ने दावा किया कि देश के एक बड़े मंत्री की ओर से ऐसे संबोधन के साथ पत्र भेजे जाने से प्रशासन को क्या संदेश जाता है, इस पर भी विचार होना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या इससे संबंधित व्यक्ति को संरक्षण देने का संदेश जाता है. ये आरोप और सवाल अब्बास अंसारी ने पत्रकारों के सामने रखे; बातचीत में इन दावों के समर्थन में कोई अलग दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख नहीं है.
सपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत का दावा
उत्तर प्रदेश में चल रहे विधान परिषद के स्नातक चुनाव को लेकर भी अब्बास अंसारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यदि चुनाव निष्पक्ष तरीके से होता है, तो समाजवादी पार्टी समर्थित सभी प्रत्याशी भारी मतों से जीतेंगे. उनका बयान चुनाव की निष्पक्षता और सपा समर्थित उम्मीदवारों की संभावनाओं को लेकर था. अब्बास ने अपने संबोधन में साफ किया कि उनका यह दावा निष्पक्ष चुनाव की शर्त पर आधारित है. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी बात पत्रकारों के सामने रखी, हालांकि बातचीत के दौरान किसी विशेष सीट या प्रत्याशी के आंकड़े साझा नहीं किए. इस तरह उन्होंने चुनाव के मुद्दे पर भी भाजपा और प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों के बीच अपनी पार्टी के पक्ष को सामने रखा.
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ओमप्रकाश राजभर के बयान पर अब्बास ने दिया जवाब
सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के उस बयान को लेकर भी अब्बास अंसारी से सवाल पूछा गया, जिसमें कहा गया था कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस को खा जाएगी. इसके जवाब में अब्बास ने कहा कि वह अपने चाचा ओमप्रकाश राजभर से कहना चाहते हैं कि भाजपा, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को खा रही है. उन्होंने कहा कि जिस आरक्षण के मुद्दे पर सुभासपा का गठन हुआ था, उसका उद्देश्य राजभर समाज को उसका हक दिलाना था. अब्बास के मुताबिक आज सरकार में शामिल होने के बावजूद पार्टी अपने लोगों को न्याय नहीं दिला पा रही है. उन्होंने आरक्षण के सवाल को सुभासपा की राजनीति और उसके मूल उद्देश्य से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा.
संजय निषाद, अनुप्रिया पटेल और जयंत चौधरी का भी किया जिक्र
अब्बास अंसारी ने आरक्षण के मुद्दे पर संजय निषाद, अनुप्रिया पटेल, जयंत चौधरी और ओमप्रकाश राजभर का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी नेताओं के मन में यह मुद्दा है. उन्होंने आगे कहा कि 'आप सोचिए कि संजय निषाद चाचा जैसे लोग भी इस बात को कहने पर मजबूर है कि अगर आरक्षण के मुद्दे पर साफ बात नहीं होगी तो हमको कुछ करना पड़ेगा और ओमप्रकाश चाचा के दिल में भी है, अनुप्रिया पटेल जी के भी दिल में है और जयंत चौधरी जी के भी दिल में है. सब समय का इंतजार कर रहे हैं. बाढ़ आएगी बाढ़.' हालांकि, इन नेताओं की ओर से इस बातचीत में अब्बास के दावों पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं दी गई.
अब्बास अंसारी ने कहा कि देश और संविधान को बचाने वाली ताकतें आरक्षण का विरोध करने वाली सरकार और पार्टी के खिलाफ खड़ी होंगी. उन्होंने संजय निषाद, अनुप्रिया पटेल, जयंत चौधरी और ओमप्रकाश राजभर को संविधान और लोकतंत्र से प्यार करने वाला बताया. अब्बास ने भरोसा जताया कि समय आने पर ये नेता ऐसी सरकार की खिलाफत करेंगे, जो उनके अनुसार आरक्षण का विरोध करती है. उनके बयान में सहयोगी दलों के भीतर आरक्षण के मुद्दे पर संभावित असहमति की बात सामने आई. हालांकि, उन्होंने इस दौरान किसी गठबंधन के टूटने या किसी नेता के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने की घोषणा नहीं की.
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पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिए बयान
अब्बास अंसारी ने ये सभी बातें मऊ जिले के समाजवादी पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं. वह मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से सुभासपा विधायक हैं और मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे हैं. बातचीत में उन्होंने शक्ति सिंह के साथ पुराने पारिवारिक संबंधों, पोस्टर वार, विधान परिषद चुनाव और आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखी. एक तरफ उन्होंने भाजपा नेता शक्ति सिंह को भाई बताते हुए रिश्तों की निकटता का जिक्र किया, वहीं दूसरी तरफ भाजपा की राजनीति और आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा.
