इस बार अखिलेश को 'नाराजगी' दिखाने की तैयारी में शिवपाल? उठा सकते हैं ये कदम

इस बार अखिलेश को 'नाराजगी' दिखाने की तैयारी में शिवपाल? उठा सकते हैं ये कदम
शिवपाल यादव और अखिलेश यादव.(फोटो: @yadavakhilesh/ट्विटर)

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव दिल्ली से लखनऊ के लिए निकल दिए हैं. हालांकि, वह लखनऊ में समाजवादी पार्टी की तरफ से गठबंधन दलों के नेताओं की होनी वाली बैठक में नहीं शामिल होंगे.

सूत्रों के मुताबिक, शिवपाल यादव एसपी प्रमुख अखिलेश यादव के रवैये से बेहद आहत हैं और अपमानित महसूस कर रहे हैं. शिवपाल के करीबियों का कहना है कि लगातार चुनाव में शिवपाल ने अखिलेश और समाजवादी पार्टी के समर्थन में हर कदम उठाया है.

खुद भी शिवपाल यादव एसपी के चुनाव चिह्न साइकिल पर इलेक्शन लड़े थे और अपनी पार्टी के नेताओं को टिकट दिलाने को लेकर भी नहीं अड़े थे. लोगों के बीच उन्होंने बार-बार यह कहा कि वह समाजवादी पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं. ऐसे में उनको उम्मीद थी कि उनका भतीजे उनके मान और सम्मान का ध्यान रखेंगे.

शिवपाल लगातार यही बात कहते रहे कि पूरा यादव परिवार एकजुट है, ताकि किसी भी तरह से परिवार में बिखराव का संदेश ना जाए. इसके बाद भी अखिलेश का यह व्यवहार चाचा को नागवार गुजरा है. इसी वजह से उन्होंने 29 मार्च को एसपी के गठबंधन दलों की बैठक से कन्नी काटी ली है.

शिवपाल के समर्थकों को लगता है कि जानबूझकर अखिलेश, चाचा को उनकी जगह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं.

गौरतलब है कि 29 मार्च को अखिलेश यादव की तरफ से जारी एक लेटर में एसपी गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं को एक बैठक में बुलाया है. यह बैठक लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में होनी है. इस बैठक में प्रसपा के शिवपाल सिंह यादव, सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर, अपना दल (कमेरावादी) की पल्लवी पटेल और आरएलडी के राजपाल बालियान को आमंत्रित किया गया है.

बता दें कि हाल ही में एसपी की तरफ से विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें अखिलेश यादव को पार्टी का नेता चुना गया. साथ ही विधान मंडल दल का नेता भी अखिलेश को ही चुना गया.

इस बैठक में शिवपाल यादव को नहीं बुलाया गया था. बैठक में नहीं बुलाए जाने के कारण शिवपाल यादव नाराज बताए जाने लगे. शिवपाल का कहना था कि वह जसवंतनगर सीट से एसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे, इसलिए उन्हें एसपी विधायक दल की बैठक में बुलाया जाना चाहिए. वहीं एसपी ने कहा था कि यह बैठक पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की थी, इसमें पार्टी के सहयोगी दलों के नेताओं को नहीं बुलाया गया था, उन्हें एक अलग बैठक में बुलाया जाएगा.

शिवपाल यादव और अखिलेश यादव.
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