कारीगरों के न आने से एक दिन के अंदर करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. कारखानों में आखिर श्रमिकों की हड़ताल किसने बुलाई. यह अभी तक जानकारी नहीं हुई है. एक दिन पहले मुस्लिम समाज की महिलाओं ने एक जुलूस निकालकर ज्ञापन दिया था, जिसमें नूपुर शर्मा की फांसी की मांग की गई थी. कारखानों के मालिकों को जिला प्रशासन बार-बार समझा-बुझाकर उत्पादन प्रारंभ करने के लिए कह रहा है. फिरोजाबाद: कांच की चूड़ियों के कारखानों में नहीं आए मुस्लिम कारीगर, हुआ करोड़ों का नुकसान