Opinion: संकट में टूटने नहीं देगी सरकार... आंधी-बारिश से तबाही के बीच पीड़ितों का संबल बनी योगी सरकार, मुआवजे के साथ थाम रही किसानों का हाथ
आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने त्वरित कार्रवाई की. 24 घंटे के भीतर सहायता वितरण, किसानों को मुआवजा और प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर सरकार ने संवेदनशील प्रशासन का संदेश दिया.
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प्रकृति है तो प्राकृतिक आपदाएं भी आएंगी. लेकिन ऐसा ही समय शासन की परीक्षा का भी होता है. चाहे आंधी-तूफान हो या मूसलाधार बारिश या फिर आकाशीय बिजली, ये अपने साथ भारी तबाही लाती हैं. किसान के खेत में खड़ी फसल पल भर में तहस-नहस हो जाती है. घर की छत उड़ जाती है. बच्चों के सिर से आसरा छिन जाता है और कभी-कभी ऐसी मानवीय हानि भी होती है जिसका दर्द सालों साल सालता है. उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने एक बार फिर यह दिखाया कि प्रकृति के समक्ष मनुष्य कितना असहाय है. ऐसे में लोगों के मन में सहज ही सवाल उठता है कि क्या कोई उनका दर्द सुन रहा है? कोई उनके दर्द को महसूस कर रहा है? इस सवाल का जवाब योगी सरकार ने एक बार फिर शब्दों से नहीं कर्म से दिया. सरकार की संवेदनशीलता ने लोगों के दर्द पर मरहम ही नहीं रखा, उनका आत्मबल भी बढ़ाया. 24 घंटे के भीतर राहत, जिलों में त्वरित सहायता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंत्रियों का पीड़ितों के बीच पहुंचना, यह एक ऐसी व्यवस्था का चेहरा था जो संकट के समय अपनी जिम्मेदारियां समझती है.
