ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस: फैसला आने से पहले और बाद, क्या-क्या हुआ? सब कुछ यहां जानिए

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस: फैसला आने से पहले और बाद, क्या-क्या हुआ? सब कुछ यहां जानिए
फोटो: ब्रिजेश कुमार

हिंदू पक्ष की जीत! कोर्ट ने मामले को पोषणीय माना

अहम बिंदु

वाराणसी की जिला अदालत ने सोमवार को ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले की पोषणीयता पर सवाल उठाने वाली याचिका खारिज कर दी और कहा कि वह पूजा के अधिकार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई जारी रखेगी. उल्लेखनीय है कि इस मामले में पांच महिलाओं ने याचिका दायर कर हिंदू देवी-देवताओं की दैनिक पूजा की अनुमति मांगी थी, जिनके विग्रह ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर स्थित हैं. अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद समिति ने ज्ञानवापी मस्जिद को वक्फ संपत्ति बताते हुए कहा था कि मामला सुनवाई योग्य नहीं है. मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी.

इस जीत को बाबा भोले के भक्तों की जीत कहा जाए: अपर्णा यादव

ज्ञानवापी मामले में बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने कहा कि 'यह 5 हिंदू महिलाओं की जीत है, जो पूजा का हक मांग रही हैं. यह लोगों की आस्था का विषय है और इसलिए इस जीत को बाबा भोले की भक्तों की जीत कहा जाए.' उन्होंने आगे कहा, "कोर्ट के फैसले का स्वागत है. हमें उम्मीद है कि कोर्ट पूरे तथ्यों के साथ में आगे भी मामले को सुनकर अपना फैसला देगी."

वाराणसी जिला कोर्ट के फैसले का सब लोग स्वागत करें: मौर्य

ज्ञानवापी मुद्दे पर वाराणसी जिला कोर्ट के फैसले को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान सामने आया है. डिप्टी सीएम ने वाराणसी जिला कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. मौर्य ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया जैसे चलती रही है, वैसे ही चलती रहेगी. उन्होंने आगे कहा,

"वाराणसी जिला कोर्ट के फैसले का सब लोग स्वागत करें, मैं भी कर रहा हूं. इस मामले को लेकर कोई विवाद उत्पन्न करने की कोशिश ना की जाए. न्यायालय के सामने जो विषय रखे गए हैं, उसके आधार पर सुनवाई हुई है."

केशव प्रसाद मौर्य

शिया धर्मगुरु यासूब अब्बास ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

ज्ञानवापी मामले को लेकर ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी और शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने वाराणसी कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि कहा आस्था के विषय पर हिंदू मुस्लिम न हो.

फैसले से किसी को खुश और मायूस होने की जरूरत नहीं: देवबंदी उलेमा

ज्ञानवापी मसले पर कोर्ट के फैसले को लेकर देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "कोर्ट ने अभी कोई एकतरफा फैसला नहीं सुनाया है. अभी सुनवाई के लिए अगली तारीख लगाई है. अभी इसमें किसी को भी खुश ओर मायूस होने की जरूरत नहीं है." आपको बता दें कि जिला अदालत ने सोमवार को ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले की पोषणीयता पर सवाल उठाने वाली याचिका खारिज कर दी और कहा कि वह पूजा के अधिकार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई जारी रखेगी.

इस फैसले से प्रदेश के लोगों की भावनाओं को आदर सम्मान मिला है: पाठक

वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में कोर्ट के फैसले का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वागत किया है. पाठक ने कहा कि 'कोर्ट के आदेश को मानते हुए आम जनता में इस बात की खुशी है और हमें उम्मीद है कि यह जनहित का फैसला है. इस फैसले से प्रदेश के लोगों की भावनाएं को आदर सम्मान मिला है, कोर्ट का हर आदेश मान्य होगा.' उन्होंने कहा कि हमारा काम है कि कानून व्यवस्था पूरी तरीके से नियंत्रण में रहे, प्रशासन ने पूरी सतर्कता रखी है और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं.

लीगल टीम पूरे मामले की स्टडी करेगी: मौलाना रशीद फिरंगी

ज्ञानवापी फैसले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मेम्बर और लखनऊ के ईमाम ऐशबाग ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि अभी जो बातें सामने आई हैं वो मीडिया के जरिए से सामने आई हैं. लीगल टीम पूरे मामले की स्टडी करेगी. हम सब लोग मुल्क को तरक्की के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं और कांट्रवर्शियल और कम्यूनल मुद्दे न उठाए जाएं, पर उस केस (रामजन्मभूमि) के बाद भी Places Of Worship Act को नजरंदाज कर इस तरह के मामले आ रहे हैं, वो लीगल एक्स्पर्ट्स को देखना चाहिए.

इस फैसले का स्वागत है: बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी

ज्ञानवापी मामले में वाराणसी अदालत के फैसले पर बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, "इस फैसले का स्वागत है और दोनों पक्षों को इस पूरे प्रकरण पर संयम रखना चाहिए." आपको बता दें की ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामले में दायर याचिका को वाराणसी की अदालत ने पोषणीय यानी सुनवाई योग्य माना है.

ऑर्डर पर स्टे नहीं लगने देंगे: विष्णु शंकर जैन

अहम बिंदु

हिंदू पक्ष के वकील और हरी शंकर जैन के बेटे विष्णु शंकर जैन ने यूपी तक से बातचीत में कहा कि अगर मुस्लिम पक्ष जिला अदालत के फैसले पर स्टे लगाने के लिए हाईकोर्ट जाएगा, तो हिंदू पक्ष भी हाईकोर्ट का रुख करेगी. उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष ऑर्डर पर स्टे नहीं लगने देगा.

यह फैसला ऐतिहासिक है: हरी शंकर जैन 

हिंदू पक्ष के वकील हरी शंकर जैन ने कहा कि यह हिंदू पक्ष की बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ का मंदिर बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. वहीं, जैन ने इस फैसले को ऐतिहासिक भी बताया. आपको बता दें कि कोर्ट ने मामले को पोषणीय यानी सुनवाई के योग्य माना है.