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महोबा: अस्पताल में चीटियों ने नवजात को इतना काटा कि हो गई मौत, मचा हंगामा

नाहिद अंसारी

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उत्तर प्रदेश के महोबा जिला अस्पताल में रिश्वत लेकर नकली खून चढ़ाए जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि महिला जिला अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में बेड पर मौजूद चींटियों ने तीन दिन के नवजात अपना निवाला बना डाला. जिससे नवजात की मौत हो गई. अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से मासूम की मौत हो जाने के कारण परिवार ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल में तैनात डॉक्टर पर 6500 रुपए रिश्वत लेने का भी गंभीर आरोप लगाया है.

इस मामले में सीएमएस ने जांच के आदेश दिए हैं. वहीं उप जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर परिवार को समझा कर मामले को शांत कराया है. गौरतलब है कि महोबा जिला अस्पताल में बीते दिनों खून चढ़ाने के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेकर मरीज को ग्लूकोज में लाल रंग की दवा मिलाकर चढ़ाए जाने के मामले को सूबे के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक द्वारा गंभीरता से लिए जाने के बावजूद भी महोबा का स्वास्थ्य महकमा सुधरने का नाम नहीं ले रहा.

गुरुवार को महिला जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का खामियाजा एक नवजात को अपनी मौत से चुकाना पड़ गया. बताया जाता है कि कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र के मुढारी गांव का रहने वाला सुरेंद्र रैकवार 30 मई को अपनी गर्भवती पत्नी सीमा को लेकर आया था. जहां उसकी डिलीवरी के नाम पर पति और परिजनों से 6500 रुपए तैनात डॉक्टर ने ले लिए. सीमा ने पुत्र को जन्म दिया.

नवजात के अस्वस्थ्य होने पर डॉक्टरों द्वारा उसे विशेष नवजात देखभाल इकाई वार्ड में भर्ती कर दिया. जहां आरोप है कि तैनात डॉक्टरों द्वारा सफाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया. जिसके कारण नवजात के बिस्तर में मौजूद चींटियों द्वारा उसे इस कदर काटा गया कि वह तड़पने लगा.

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परिवार के लोगों ने बताया कि पूर्व में भी बच्चे के बिस्तर में चीटियां होने की शिकायत ड्यूटी में तैनात डाक्टर और स्टाफ नर्स को दी गई थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. जिससे अस्वस्थ बच्चे की तबियत और भी खराब होने लगी. चीटियों के काटे जाने के निशान भी मासूम के शरीर में मौजूद हैं.

वार्ड के अंदर भी चीटियां बखूबी देखी जा सकती हैं. तीन दिन के मासूम नवजात को चींटियों ने इस कदर अपना निवाला बनाया कि उसकी मौत हो गई. परिवार के लोग बताते हैं कि रात में भी बच्चे की तबीयत बिगड़ने को लेकर ड्यूटी में तैनात महिला डॉक्टर से कहा गया था, लेकिन वह अपनी नींद के आगे किसी की सुनने के लिए तैयार नहीं थी. यही नहीं बार-बार नवजात के परिजनों को दुत्कार कर भगा रही थी और अब बच्चे की दर्दनाक मौत हो चुकी है.

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परिजनों में इसको लेकर आक्रोश है. यही वजह है कि परिजनों ने महिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों की लापरवाही को लेकर आक्रोश जताया. सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे. उप जिलाधिकारी ने नाराज परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया है.

परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि नवजात के बिस्तर में मौजूद चीटियों ने मासूम बच्चे को अपना निवाला वाला है. यदि वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था सही होती और तैनात स्टाफ इस पर ध्यान देता तो शायद मासूम की जिंदगी बच जाती.

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इस पूरे मामले को लेकर महिला जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीके सुल्लेरे ने जांच के आदेश दे दिए हैं. उनका कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. बिस्तर में चीटियां होने की बात गलत है.

वहीं एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार भी कहते हैं कि नवजात की हालत गंभीर थी. जिसे डॉक्टर द्वारा रेफर किया गया था. बिस्तर में चीटियां होने की कोई बात नहीं है मामले की जांच की जाएगी.

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