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2025-26 में यूपी की 23 लाख ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार, खातों में आए 111 करोड़

उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 23 लाख महिलाओं को रोजगार मिला. योगी सरकार ने महिला मेट्स को 111 करोड़ रुपये भेजे और 97% श्रमिकों को समय पर भुगतान किया.

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UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश की 23 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी (मनरेगा) के जरिए ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और उनकी आत्मनिर्भरता को नई ताकत मिली है.

32 हजार महिला मेट्स के हाथों में कमान ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे प्रबंधन में भी आगे आई हैं. इस वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 32 हजार महिला मेट्स को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इन महिला मेटों के बैंक खातों में 111 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है. पारदर्शी भुगतान प्रणाली ने सरकारी योजनाओं के प्रति महिलाओं का भरोसा और गहरा किया है.

स्वयं सहायता समूहों से सशक्तिकरण सरकार की रणनीति के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 'महिला मेट' के रूप में प्राथमिकता दी जा रही है. इससे न केवल रोजगार मिला है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर महिला नेतृत्व और प्रबंधन क्षमता को भी नया आयाम मिला है.

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पारदर्शिता की नई मिसाल रोजगार गारंटी प्रणाली की कार्यकुशलता का प्रमाण यह है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है. ग्रामीण श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ बिना किसी देरी के मिल रहा है.

गांवों में आय के स्रोत और पलायन पर रोक प्रदेश में अब तक इस व्यवस्था के अंतर्गत 6703 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं. इस भारी-भरकम बजट से गांवों में विकास कार्यों को गति मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जिससे पलायन पर प्रभावी रोक लगी है. इसके साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को विशेष प्राथमिकता देकर समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है.

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