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Sonbhadra News: सोनभद्र में DM का कुर्की आदेश निरस्त, अदालत ने 7 ट्रकों को तत्काल रिलीज करने का दिया आदेश

Sonbhadra News: सोनभद्र की विशेष गैंगस्टर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किए गए 7 हाईवा ट्रकों की रिहाई का आदेश दिया है.अदालत ने जिलाधिकारी के कुर्की आदेश को निरस्त कर इसे कानूनी प्रक्रिया के विपरीत माना. आरोपी पक्ष ने फैसले को कानून की जीत बताया.

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Sonbhadra gangster act case
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Sonbhadra News: स्थानीय जनपद न्यायालय से गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में बड़ा फैसला सामने आया है. अपर जनपद न्यायाधीश (विशेष गैंगस्टर कोर्ट), सोनभद्र ने जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा वाहनों की कुर्की को लेकर जारी पिछले आदेश को सिरे से खारिज कर दिया है. न्यायालय ने विधि विरुद्ध तरीके से कुर्क किए गए आरोपी चेतन पाल के कुल 7 हाईवा ट्रकों को तत्काल अवमुक्त (रिलीज़) करने का कड़ा आदेश पारित किया है। इस फैसले को जिला प्रशासन और पुलिस कार्रवाई के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने चेतन पाल व अन्य के खिलाफ अपराध संख्या 2/2025 के अंतर्गत धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी. विवेचना के दौरान पुलिस की आख्या पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत चेतन पाल के स्वामित्व वाले 7 हाईवा ट्रकों को अवैध रूप से अर्जित संपत्ति बताते हुए कुर्क कर लिया था.

जिलाधिकारी के यहां से खारिज हो चुकी थी अर्जी

वाहनों को रिलीज़ कराने के लिए चेतन पाल ने सर्वप्रथम जिलाधिकारी सोनभद्र के न्यायालय में अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी और ट्रकों को छोड़ने का अनुरोध किया था.
हालांकि, जिलाधिकारी ने आरोपी की आपत्तियों और दलीलों को दरकिनार करते हुए आवेदन को निरस्त कर दिया था और वाहनों की कुर्की बरकरार रखी थी.

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अदालत में चली लंबी बहस, निरस्त हुआ DM का आदेश

जिलाधिकारी के इस फैसले के खिलाफ चेतन पाल ने अपने अधिवक्ता अनिल कुमार मौर्य के माध्यम से विशेष गैंगस्टर कोर्ट (अपर जनपद न्यायाधीश), सोनभद्र में धारा 16(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत अपील दायर की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार मौर्य और विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर) के बीच तीखी कानूनी बहस हुई.

न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों को बेहद गहराई से सुना और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों व विधिक प्रावधानों का बारीकी से अवलोकन किया. साक्ष्यों के अभाव और कानूनी प्रक्रिया में खामियों को देखते हुए माननीय न्यायालय ने जिलाधिकारी सोनभद्र द्वारा 4 सितंबर 2025 को जारी कुर्की के आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया। इसके साथ ही सभी 7 हाईवा ट्रकों की कुर्की समाप्त कर उन्हें तुरंत स्वामी के पक्ष में अवमुक्त करने का आदेश जारी किया. न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले पर राहत जताते हुए वाहन स्वामी चेतन पाल ने कहा कि यह सत्य और कानून की जीत है.