इटावा में शिवपाल सिंह कश्यप की मौत के बाद हुआ बवाल, क्या 116600 के बिजली बिल ने ले ली जान?
इटावा में 1.16 लाख का बिल देख सदमे में आए शिवपाल सिंह की हार्ट अटैक से मौत. परिजनों का आरोप-बिजली विभाग ने मांगी थी रिश्वत और बिल ठीक करने के नाम पर किया प्रताड़ित. भरथना में शव रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन.
ADVERTISEMENT
क्या सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और करप्शन किसी की जान ले सकता है? इटावा के भरथना में एक गरीब चाय विक्रेता शिवपाल सिंह की मौत ने इस सवाल को फिर से खड़ा कर दिया है. महज 3 महीने पहले घर में 'स्मार्ट मीटर' लगा और देखते ही देखते बिल 1 लाख 16 हजार 600 रुपये पहुंच गया. एक साधारण चाय की दुकान चलाने वाले शिवपाल के लिए यह रकम किसी पहाड़ जैसी थी. बिल ठीक कराने के लिए वे पिछले कई हफ्तों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे.लेकिन समाधान के बजाय उन्हें रिश्वत और अगली तारीखें मिलीं. 18 मार्च को विभाग से लौटने के बाद वे गहरे तनाव में थे और रात को उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिससे उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव को बिजली दफ्तर के बाहर रखकर जमकर हंगामा किया.