9 बच्चों को मिला पूरा परिवार...3 बच्चों की मां को हुई 6 बच्चों के पिता मोहम्मद उमर से मोहब्बत, दोनों ने कर ली शादी
मुरादाबाद में तीन बच्चों की विधवा तबस्सुम और छह बच्चों के पिता मोहम्मद उमर को प्यार हुआ. दोनों ने कलियर शरीफ में निकाह और कोर्ट मैरिज की. पंचायत की सहमति के बाद अब दोनों अपने 9 बच्चों के साथ नई जिंदगी शुरू करेंगे.
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कहते हैं कि प्यार उम्र, हालात या जिंदगी के किसी मोड़ का मोहताज नहीं होता. उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक ऐसी ही दिलचस्प और इमोशनल कर देने वाली प्रेम कहानी सामने आई है. यहां तकदीर की मार झेल रही तीन बच्चों की विधवा मां तबस्सुम और छह बच्चों के पिता मोहम्मद उमर को एक-दूसरे में अपना नया हमसफर मिल गया है. पारिवारिक विरोध और सामाजिक बंदिशों की परवाह ना करते हुए दोनों ने न सिर्फ कलियर शरीफ में निकाह किया बल्कि अब गांव की पंचायत की रजामंदी से अपने सभी 9 बच्चों के साथ एक नई जिंदगी की शुरुआत की है. पूरा मामला मुरादाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित रानीनागल गांव का है जहां दो अलग-अलग दुखों से गुजर रहे इंसानों की किस्मत आपस में जुड़ गई.
ऐसे शुरू हुई दोनों के बीच मोहब्बत
रानीनागल की रहने वाली तबस्सुम के पति रियाजुल की करीब पांच साल पहले एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी. इसके बाद वे अपने तीन मासूम बच्चों की परवरिश ससुराल में रहकर कर रही थीं. दूसरी तरफ कोरबांकू के रहने वाले मैकेनिक मोहम्मद उमर की पहली पत्नी उन्हें छोड़कर दूसरी शादी कर चुकी थी और वे अपने 6 बच्चों की अकेले देखभाल कर रहे थे. इसी बीच दोनों की मुलाकात हुई जो धीरे-धीरे हमदर्दी से होते हुए प्यार में बदल गई.
चुपके से किया निकाह फिर कोर्ट मैरिज
एक-दूसरे का सहारा बनने का फैसला कर चुके तबस्सुम और उमर ने परिजनों की जानकारी के बिना पहले पिरान कलियर शरीफ जाकर निकाह कर लिया. फिर बाद में इसे कानूनी रूप देने के लिए कोर्ट मैरिज भी कर ली. हालांकि जब इस रिश्ते की भनक परिजनों और रिश्तेदारों को लगी तो घर में भारी विरोध और विवाद शुरू हो गया.
मामले को सुलझाने के लिए ग्राम प्रधान जाहिद हुसैन की अध्यक्षता में गांव में पंचायत बुलाई गई. पंचायत में दोनों ने साफ कह दिया कि वे एक-दूसरे के साथ ही जीना-मरना चाहते हैं. इस पर तबस्सुम के ससुराल वालों ने उनसे नाते-रिश्ते खत्म कर अलग करने की बात कही. इसके बाद मोहम्मद उमर ने दरियादिली दिखाते हुए किराए के मकान,प्लॉट और तबस्सुम के तीनों बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठाने का लिखित हलफनामा दिया.
9 बच्चों के साथ नए आशियाने की ओर कदम
पंचायत में सहमति बनने के बाद तबस्सुम अपने तीन बच्चों और घर के पूरे सामान के साथ मोहम्मद उमर के साथ अपने नए घर के लिए रवाना हो गईं. अब इस नई जोड़ी के कुनबे में दोनों के मिलाकर कुल 9 बच्चे हैं. पुराने हमसफरों से मिले दर्द को भुलाकर 9 बच्चों के साथ एक नया परिवार बसाने की यह अनोखी प्रेम कहानी आज पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
