मेरठ में दलित युवती को अगवा करने वाले केस में भारी बवाल, मां की अर्थी अबतक नहीं उठी, वहां हो रहा ये सब
मेरठ के सरधना में बेटी को अगवा करने से रोकने पर दलित महिला की हत्या. परिजनों ने शव उठाने से किया इनकार, लड़की की बरामदगी और आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग. सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने गांव जाने से रोका, धरने पर बैठे. एसएसपी विपिन टाडा ने कहा- 10 टीमें तलाश में जुटीं.
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UP News
UP News: मेरठ में सरधना के कपसाड़ गांव पर सबकी नजरें हैं. यहां एक दलित मां-बेटी संग खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया. बेटी को जब अगवा किया जा रहा था तब मां के बीच-बचाव करने पर अपराधियों ने उसपर हथियार से हमला कर दिया. महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि लड़की का अभी तक को अता-पता नहीं है. महिला की मौत के बाद सियासत भी तेज हो गई है. सरधना से सपा विहदयक अतुल प्रधान ने जब गांव में जाने की कोशिश की तो उन्हें पुलिस ने रोक कड़िया. गांव जाने को लेकर विधायक और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई. पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने पर अतुल प्रधान वहीं सड़क पर बैठ गए. उन्होंने धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया. वहीं, परिवार के लोगों ने कहा है कि लड़की की बरामदगी के बाद ही मृतका का अंतिम संस्कार होगा.









