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मेरठ में हिरासत में पीटे गए दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई पर अखिलेश का बड़ा ऐलान, बोले- सरकार बनी तो...

मेरठ में पुलिस हिरासत में किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव की कथित पिटाई का मामला अब मेरठ से निकलकर लखनऊ के सियासी गलियारों तक पहुंच गया है.

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Akhilesh Yadav On Digvijay Bhati and Mohit Jatav
Akhilesh Yadav On Digvijay Bhati and Mohit Jatav (Edited By AI)
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Akhilesh Yadav News: मेरठ में पुलिस हिरासत में किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव की कथित पिटाई का मामला अब मेरठ से निकलकर लखनऊ के सियासी गलियारों तक पहुंच गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दोनों से मुलाकात के बाद इस मामले पर सरकार को घेरा और पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग की. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने भी अखिलेश यादव और मीडिया के सामने अपने साथ हुई कथित मारपीट की पूरी घटना बताई. जानकारी के मुताबिक दोनों ने मेडिकल कराने और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग भी रखी है.

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

लखनऊ में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने अखिलेश यादव से मुलाकात की. दोनों ने अपनी बात रखने के बाद बताया कि मेरठ में उनके साथ क्या हुआ. इस पर अखिलेश यादव ने कहा, 'ऐसे आईपीएस को नौकरी करने का कोई अधिकार नहीं है. इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.' उन्होंने आगे कहा,'अगर कानून का राज होता तो उस आईपीएस पर 307 का मुकदमा दर्ज हो जाता. लेकिन कानून का राज नहीं है. इसलिए इन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है आज भी न्याय के लिए.' अखिलेश यादव ने दोनों को कोर्ट जाने की सलाह दी और कहा कि सरकार बनी तो उन्हें न्याय और सम्मान दोनों दिलाने का काम किया जाएगा.

दिग्विजय बोले- कप्तान ने पूछा, तुम गुर्जर हो क्या?

दिग्विजय भाटी के मुताबिक, 19 तारीख को मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे ने उन्हें और मोहित जाटव को फोन कर कार्यालय बुलाया था. उन्होंने बताया कि फोन पर मोहित जाटव से बात हुई थी और उन्हें बैठकर चाय पीने के लिए बुलाया गया था. भाटी का दावा है कि कार्यालय पहुंचने के बाद एसएसपी ने पहले मोहित से पूछा,'तुम जाटव हो क्या?' इसके बाद उनसे पूछा गया,'तुम गुर्जर है क्या?' दिग्विजय के मुताबिक इसके बाद बातचीत का माहौल बिगड़ गया. उनका आरोप है कि उन्हें और मोहित को एक निजी केबिन में ले जाया गया, जहां दोनों के साथ मारपीट की गई.

 जूते, बेल्ट और लात-घूंसों से पीटने का आरोप

दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि केबिन में उनके और मोहित के साथ हाथों, पैरों और कोहनियों से मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पैर पकड़कर छोड़ने की कोशिश की तो उन्हें लात मारी गई और जूते की नोक उनकी आंख पर लगी. उनका दावा है कि उनसे कहा गया,'तुम्हें नेता बनाऊंगा. तुम अखिलेश जी से अभी मिलकर आए हो ना?' दिग्विजय ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपमानित किया गया और जबरन डांस करवाया गया. उन्होंने कहा कि उनकी आंख से खून निकल रहा था, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर मारपीट जारी रही.

SOG ऑफिस ले जाने और कपड़े उतारने का भी दावा

मोहित जाटव ने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां दोनों के कपड़े उतार दिए गए और फिर मारपीट की गई. उन्होंने दावा किया कि रात में उन्हें सिविल लाइन थाने ले जाया गया. मोहित के मुताबिक, जीप में बैठाकर दोनों को करीब दो-तीन किलोमीटर तक घुमाया गया और इस दौरान उनसे कहा गया कि'तुम दोनों का एनकाउंटर करेंगे.' मोहित का आरोप है कि इसी दौरान मेरठ के विधायक अतुल प्रधान की गाड़ी सामने आई और उन्होंने जीप के आगे अपनी गाड़ी लगा दी. इसके बाद वहां विवाद हुआ और दोनों को पुलिस की गाड़ी से बाहर निकाला गया. मोहित ने इस मदद के लिए अतुल प्रधान और अखिलेश यादव का धन्यवाद भी किया.

पैर बांधकर लटकाने और पानी न देने का आरोप

दिग्विजय भाटी ने एसओजी टीम पर मारपीट के दौरान पैर बांधकर ऊपर लटकाने का भी गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि पिटाई के बाद जब दोनों बेहोश हो जाते थे और पानी मांगते थे तो बोतल का ढक्कन उनके मुंह में डाल दिया जाता था. दिग्विजय ने आरोप लगाया कि उनके साथ व्यवहार उनकी जातीय पहचान और राजनीतिक जुड़ाव को लेकर किया गया. उन्होंने कहा कि'मैं गुर्जर हूं या जाटव, इसी अकॉर्डिंग उन्होंने पीटा और यही उनकी मानसिकता है.' दोनों ने दावा किया कि अभी तक उनका मेडिकल नहीं कराया गया है और वे न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं. उन्होंने मुकदमा दर्ज कराने और मेडिकल कराने की मांग की.