रामचरित मानस विवाद पर मुश्किल में स्वामी प्रसाद मौर्य, लखनऊ के तीन थानों में दी गई तहरीर

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बिहार के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने हाल ही में रामचरित मानस (Ramcharit Manas) को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था. लेकिन अब समाजवादी पार्टी के नेता और एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने भी रामचरित मानस को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने साथ ही इस पूरी पुस्तक को बैन करने की मांग की है. इस बयान के बाद सपा नेता चौतरफा घिर गए हैं, एक तरफ उनपर भाजपा हमलावर है तो दूसरी तरफ संत और हिन्दू संगठनों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

स्वामी प्रसाद मौर्या के रामचरित मानस पर दिए गए बयान के खिलाफ राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं लखनऊ में सपा नेता के खिलाफ तीन थानों में तहरीर दी गई है.

रामचरित मानस पर बयान के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज, ठाकुरगंज और आलमबाग कोतवाली में दी गई एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है. हजरतगंज में अखिल भारत हिंदू महासभा की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष ने दी एफआईआर के लिए तहरीर दी है तो आलमबाग कोतवाली में भारतीय किसान मंच के देवेंद्र तिवारी ने तहरीर दी है. वहीं ठाकुरगंज कोतवाली में अवधेश तिवारी ने एफआईआर के लिए दी तहरीर दी है. स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान के बाद सोमवार को उनके खिलाफ यूपी के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. गाजियाबाद में हिन्दू वादी संगठन ने सपा नेता का पुतला फूंका और जेल भेजने की मांग की.

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स्वामी प्रसाद मौर्य ने र्म रविवार को यूपीतक से बात करते हुए कहा था कि कोई भी हो, हम उसका सम्मान करते हैं. लेकिन धर्म के नाम पर जाति विशेष, वर्ग विशेष को अपमानित करने का काम किया गया है, हम उस पर आपत्ति दर्ज कराते हैं. रामचरितमानस में एक चौपाई लिखी है, जिसमें तुलसीदास शूद्रों को अधम जाति का होने का सर्टिफिकेट दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ब्राह्मण भले ही दुराचारी, अनपढ़ और गंवार हो, लेकिन वह ब्राह्मण है तो उसे पूजनीय बताया गया है, लेकिन शूद्र कितना भी ज्ञानी, विद्वान हो, उसका सम्मान मत करिए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही धर्म है? अगर यही धर्म है तो ऐसे धर्म को मैं नमस्कार करता हूं. ऐसे धर्म का सत्यानाश हो, जो हमारा सत्यानाश चाहता हो. 

‘रामचरित मानस पर लगे बैन…’, सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयान

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