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दाल 100 रुपये किलो बताकर हंस रहे हैं मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उनको देखनी चाहिए ये रेट लिस्ट

यूपी तक

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Surya Pratap Shahi
Surya Pratap Shahi
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UP news: एक तरह महंगाई ने लोगों की थाली से दाल और सब्जी की मौजूदगी को बेहद कर दिया है, तो दूसरी तरफ सरकार के जिम्मेदार इसे लेकर गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं. यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बढ़ती महंगाई के सवाल पर यहां तक कह दिया कि कहीं भी दाल 100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा दाम पर नहीं बिक रही है. अब मंत्री जी को कौन समझाए कि कभी दुकान पर आकर दाल का मोल-भाव कीजिए तो इसे खरीदते वक्त आम इंसान को होने वाला दर्द समझ में आएगा और मुस्कुराते हुए यूं तथ्यों से परे दावा नहीं किया जाएगा. 

फिलहाल सूर्य प्रताप शाही के इस बयान पर सरकार की किरकिरी तो हो ही रही है, विपक्ष ने भी निशाना साधा है. विपक्ष ने सरकार पर बढ़ती महंगाई से परेशान जनता के दर्द से अनजान होने का आरोप लगाते कहा है कि आने वाले चुनावों में जनता सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 'आटे—दाल' का भाव मालूम करवा देगी.

कृषि मंत्री प्राकृतिक खेती व कृषि विज्ञान पर आगामी 19 जुलाई को आयोजित होने वाले क्षेत्रीय परामर्श कार्यक्रम के सिलसिले में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे. इसी दौरान एक पत्रकार ने पूछा कि सरकार कह रही है कि दलहन का उत्पादन 33 प्रतिशत बढ़ा है तो अभी कुछ दिन पहले दाल 200 रुपये किलो इसी शहर में बिकी है.  इस पर कृषि मंत्री शाही ने कहा, 'कहीं 200 रुपये किलो दाल नहीं है. यह गलत सूचना आप दे रहे हैं. 100 रुपये किलो से ज्यादा कहीं दाल नहीं है.'

फिर हंसने लगे मंत्री जी

इस पर जब पत्रकारों ने एक साथ सवाल शुरू किये तो मंत्री हंसने लगे और उनके सहयोगी राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी मुस्कुराते हुए उनके कान में कुछ कहते दिखे. समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा, ''कृषि मंत्री का दाल को लेकर दिया गया यह बयान महंगाई से जूझ रही जनता का उपहास है. दरअसल सरकार को खुद ही नहीं पता है कि बाजार में आटे—दाल का क्या भाव है. आने वाले चुनावों में जनता सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ वोट करके उसे 'आटे—दाल' का भाव मालूम करा देगी.''

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कांग्रेस के प्रदेश मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष मनीष हिंदवी ने भी कृषि मंत्री के बयान पर तल्ख प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''भाजपा के नेता और मंत्री जमीनी हकीकत से दूर हैं. वे आम जनता का दर्द नहीं समझते. महंगाई किस कदर आम लोगों को परेशान कर रही है, उन्हें उसका एहसास ही नहीं है. महंगाई का हाल यह है कि जिस घर में सब्जी बनती है वहां दाल नहीं बनती और जहां दाल बनती है वहां सब्जी नहीं बनती.''

मैं तो चने-मूंग की दाल का रेट बता रहा था

बाद में मंत्री शाही ने 'पीटीआई—भाषा' से बातचीत में कहा, ''मूंग की दाल 100 रूपये किलो के आसपास है. चने की दाल उससे कम की है. दाल तो कई तरह की होती है. उन्होंने (पत्रकार ने) दाल की कीमत मुझसे पूछी थी, वह मैंने बता दिया था. चने और मूंग की दाल का रेट 100 रुपये के करीब है.''

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मंत्री जी को देखनी चाहिए दाल की ये रेट लिस्ट

यूपी Tak ने इसके बाद दाल के थोक कारोबारियों से दाल की मौजूदा कीमतों की जानकारी ली. मंत्री जी को भी ये रेट लिस्ट देखनी चाहिए ताकि उनको महंगाई का अंदाजा हो जाए. 

अरहर सोना-सिक्का ब्रांड 180 रुपये किलो
अरहर बाबूजी ब्रांड 160 रुपये किलो
लाल मसूर 85 रुपये किलो
चने की दाल 90 रुपये किलो
राजमा लाल 170 रुपये किलो
राजमा सफेद 170 रुपये किलो
काले उड़द की दाल 130 रुपये किलो
मूंग की दाल 120 रुपये किलो
उड़द की धुली दाल 130 रुपये किलो

ये तो हुआ दाल का थोक भाव. लखनऊ और नोएडा जैसे शहरों में अरहर की दाल 180 रुपये से लेकर 220 रुपये किलो तक के भाव में बेची जा रही है. दाल की बढ़ती महंगाई आम लोगों की जेब पर काफी भारी पड़ रही है.

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दाल की कीमतों पर देखिए ये खास रिपोर्ट

 

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