लेटेस्ट न्यूज़

2 पत्नियों को छोड़ने वाले संग लिव-इन में रहने वाली प्रीति की सिर्फ हड्डियों के टुकड़े मिले! अब वो पकड़ाया तो ये पता चला

Jhansi Big Crime: रिटायर्ड रेलकर्मी रामसिंह की जिंदगी किसी उलझी हुई किताब जैसी थी.रामसिंह ने पहली पत्नी से शादी के बाद उसे छोड़कर गीता नम की एक महिला से दूसरी शादी की.  लेकिन दूसरी पत्नी को भी छोड़कर वह प्रीति नाम की महिला के साथ लिवइन में रहने लगा. लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच झगड़ा होने लगा और रामसिंह ने प्रीति की हत्या कर दी.

ADVERTISEMENT

Jhansi Crime News
Jhansi Crime News
social share
google news

Jhansi Big Crime: झांसी में एक 60 साल के रिटायर्ड रेलकर्मी रामसिंह ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका प्रीति की हत्या  कर दी. लेकिन इसका पता किसी को नहीं चल पाया. शातिर राम सिंह पहले से दो शादियां कर चुका था.वह तीसरी महिला प्रीति के साथ लिवइन में रह रहा था जो पहले से शादीशुदा थी. लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बाद कड़वाहट बढ़ने लगी. आरोप है कि प्रीति रामसिंह से पैसों की डिमांड करने लगी थी. साथ ही वह रामसिंह को धोखा भी दे रही थी.ऐसे में रामसिंह ने प्रीति की हत्या करने की साजिश रच डाली. राम सिंह ने अपनी प्रेमिका की हत्या करके उसे तिरपाल की मदद से घर के अंदर 3 दिन तक छुपाकर रखा. फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए वह बाजार से एक बक्सा खरीदकर ले आया और उसमें प्रेमिका की बॉडी रखकर आग लगा दी. जब बॉडी पूरी तरह जल गई तो रामसिंह ने बक्से को पानी से धुलकर साफ कर दिया.लेकिन रामसिंह का ये खतरनाक क्राइम ज्यादा समय तक छुप नहीं पाया और वह पकड़ा गया. हालांकि उसे अभी भी अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं है.फिलहाल पुलिस ने राम सिंह और उसकी दूसरी पत्नी गीता और एक बेटे का गिरफ्तार कर लिया है. 

दो पत्नियों को छोड़कर तीसरी महिला के साथ लिवइन में था रामसिंह

रिटायर्ड रेलकर्मी रामसिंह की जिंदगी किसी उलझी हुई किताब जैसी थी.रामसिंह ने पहली पत्नी से शादी के बाद उसे छोड़कर गीता नम की एक महिला से दूसरी शादी की.  लेकिन गीता से शादी के 10 साल बाद उसकी जिंदगी में एक तीसरी महिला आ गई प्रीति रायकवार और उसकी चक्कर में रामसिंह अपना घर परिवार सबकुछ भूल बैठा.  रामसिंह प्रीति के प्यार में इस कदर पागल था कि उसने उस पर लाखों रुपए लुटा दिए. दोनों एक साथ लिवइन में रहने लगे. लेकिन जब उसे पता चला कि प्रीति उसे धोखा दे रही है और उसके किसी और से संबंध हैं तो आशिक रामसिंह हैवान बन गया.

इन सबके बीच एक दिन रामसिंह ने प्रीति की हत्या का प्लान किया. ये साजिश इतनी गहरी थी कि रामसिंह ने कत्ल के लिए बाकायदा एक अलग कमरा किराए पर लिया. 8 जनवरी की शाम शराब के दौर के बाद रामसिंह ने कुल्हाड़ी से वार कर प्रीति को मौत के घाट उतार दिया. रूह कंपा देने वाली बात यह है कि हत्या के बाद वह तीन दिनों तक कमरे में लाश के साथ ही रहा.

यह भी पढ़ें...

सबूत मिटाने के लिए रामसिंह ने अपनी दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन को भी इस पाप में शामिल कर लिया. बेटे से एक बड़ा लोहे का बक्सा और डेढ़ क्विंटल लकड़ी मंगवाई गई. कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का फायदा उठाकर आधी रात को लाश को बक्से में रखकर आग के हवाले कर दिया गया. जब लाश जलकर राख और हड्डियों का ढेर बन गई तो रामसिंह ने बक्से को नीले रंग से रंग दिया ताकि किसी को शक न हो.

बक्से के अंदर का नजारा देख उड़े होश

अजीबोगरीब बात यह रही कि हत्या के बाद रामसिंह ने अपना मुंडन कराया और शुद्धि के लिए प्रयागराज नहाने जाने की तैयारी में था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. बक्से को ठिकाने लगाने के लिए बुलाए गए लोडर ड्राइवर जयपाल को शक हो गया और उसने पुलिस को फोन कर दिया.जब पुलिस ने गीता के घर पर रखे नीले बक्से को खोला. तो अंदर का मंजर देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए.बक्से के अंदर हड्डियों के अवशेष और जले हुए कोयले जैसी चीजें मिलीं. इसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया. उनके द्वारा मौके से सैम्पल लिए गए."


बीजीटीएस मूर्ति एसएसपी झांसी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद राम सिंह कह रहा है कि अगर वह  राख को पूरी तरह ठिकाने लगा देता तो पकड़ा नहीं जाता. उसे इस घटना का कोई मलाल नहीं है. पुलिस को दिए बयान में रामसिंह ने खुलासा किया कि उसकी मुलाकात प्रीति से तब हुई थी जब वह रेलवे आउट हाउस में रहती थी. इसके बाद से दोनों साथ रहने लगे. रामसिंह ने प्रीति पर लाखों रुपये खर्च किए.लेकिन इसके बावजूद भी प्रीति के संबंध दूसरे युवक से बन गए लेकिन रामसिंह से उसे रंगेहाथ पकड़ लिया था. तभी से वह उससे नाराज चल रहा था और उसे ठिकाने लगाने में लगा हुआ था. 

ये भी पढ़ें: कभी योगी तो कभी अखिलेश यादव से भिड़ने वाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कौन हैं,जानिए इनकी कहानी