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Barabanki News: बाराबंकी के स्कूलों में बेटियां सीख रहीं आत्मरक्षा के गुर, 48 दिन तक चलेगा वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रशिक्षण

Barabanki Education News: बाराबंकी के बनीकोडर क्षेत्र के विद्यालयों में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छात्राओं को 48 कार्यदिवस तक आत्मरक्षा की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, सुरक्षा के प्रति जागरूकता और विपरीत परिस्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित करना है.

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बाराबंकी के स्कूलों में बेटियां सीख रहीं आत्मरक्षा के गुर, 48 दिन तक चलेगा वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रशिक्षण
बाराबंकी के स्कूलों में बेटियां सीख रहीं आत्मरक्षा के गुर, 48 दिन तक चलेगा वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रशिक्षण
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Barabanki Education News: जनपद बाराबंकी के विकास खंड बनीकोडर क्षेत्र के सभी कंपोजिट विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बालिकाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने के उद्देश्य से वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. 48 कार्यदिवस तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों के साथ ही विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के तरीके सिखाए जा रहे हैं. इसी क्रम में कंपोजिट विद्यालय शोभापुर बेलसड़ी में उच्च प्राथमिक विद्यालय लालपुर राजपुर में तैनात खेल अनुदेशक राजीव कुमार साहू द्वारा बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

48 कार्यदिवस तक नियमित रूप से चलेगा प्रशिक्षण

विकास खंड बनीकोडर के कंपोजिट विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है. यह प्रशिक्षण कुल 48 कार्यदिवस तक आयोजित किया जाएगा. प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को नियमित रूप से आत्मरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और व्यावहारिक तकनीकों का अभ्यास कराया जा रहा है.

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, साहस, सतर्कता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है. प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें यह बताया जा रहा है कि किसी भी विपरीत या आपात स्थिति में घबराने के बजाय किस प्रकार संयम और समझदारी से अपनी सुरक्षा की जा सकती है. नियमित अभ्यास से बालिकाओं की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी विकसित होने की उम्मीद है.

कंपोजिट विद्यालय शोभापुर बेलसड़ी में दिया जा रहा प्रशिक्षण

इसी क्रम में कंपोजिट विद्यालय शोभापुर बेलसड़ी में बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उच्च प्राथमिक विद्यालय लालपुर राजपुर में तैनात खेल अनुदेशक राजीव कुमार साहू प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छात्राओं को अलग-अलग आत्मरक्षा तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं.

प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को पहले आत्मरक्षा के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया जा रहा है. इसके बाद उन्हें विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया जाता है, ताकि वे इन तरीकों को सही ढंग से समझ सकें. खेल अनुदेशक द्वारा छात्राओं को अनुशासन, शारीरिक संतुलन और सतर्कता के महत्व के बारे में भी बताया जा रहा है.

विद्यालय में प्रशिक्षण के दौरान बालिकाएं उत्साह के साथ भाग ले रही हैं. प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक तकनीक नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने और स्वयं को सुरक्षित रखने की क्षमता भी है.

पंच, ब्लॉक और स्टांस की तकनीक सीख रहीं बालिकाएं

खेल अनुदेशक राजीव कुमार साहू ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं को आत्मरक्षा से संबंधित पंच, ब्लॉक और स्टांस जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों की जानकारी दी जाएगी. इन तकनीकों के माध्यम से छात्राओं को शरीर का संतुलन बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर अपनी सुरक्षा करने के लिए तैयार किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में शरीर की सही स्थिति, हाथों और पैरों के समन्वय तथा आत्मरक्षा के दौरान सतर्क रहने के तरीकों का अभ्यास भी कराया जाएगा. इसके साथ ही बालिकाओं को शरीर के संवेदनशील एवं नाजुक अंगों के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिससे वे किसी विपरीत परिस्थिति में अपनी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठा सकें.

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को संभावित अपराधों से बचाव, अनजान व्यक्तियों से सावधानी बरतने और किसी खतरे की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा. उन्हें यह भी बताया जाएगा कि किसी संदिग्ध परिस्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर परिवार, शिक्षक या जिम्मेदार व्यक्ति को जानकारी देना जरूरी है.

आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति बढ़ेगी जागरूकता

विद्यालयों में चलाया जा रहा वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे कठिन परिस्थितियों का सामना अधिक साहस और समझदारी के साथ कर सकेंगी.

48 कार्यदिवस तक चलने वाले इस कार्यक्रम में नियमित अभ्यास के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों में दक्ष बनाने का प्रयास किया जाएगा. विद्यालय स्तर पर इस प्रकार के प्रशिक्षण से बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलेगा.

प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि शिक्षा के साथ आत्मरक्षा का ज्ञान भी जरूरी है. इससे वे न केवल स्वयं को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक होंगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर सही निर्णय लेने और सहायता प्राप्त करने में भी सक्षम बन सकेंगी.