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Ballia News: बलिया में डॉक्टरों की कमी से बिगड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था, एक और इस्तीफा—मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

Ballia Doctor Resignation News: बलिया जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बीच वरिष्ठ फिजिशियन के इस्तीफे से स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट गहरा गया है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है.

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Ballia Doctor Resignation News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रही है. जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के बीच एक और बड़े इस्तीफ़ा ने हड़कंप मचा दिया है. जिला अस्पताल के जाने-माने फिजिशियन डॉक्टर पंकज झा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वहीं, पिछले 5 सालों के भीतर जिले के सरकारी अस्पतालों को छोड़ने वाले यह 7वें डॉक्टर हैं. बढ़ते दबाव और मीडिया के सवालों के बीच बलिया के प्रभारी सीएमओ डॉक्टर आनंद सिंह का कहना है कि चिकित्सकों की भारी कमी है. जो डॉक्टर बिना बताए अनुपस्थित चल रहे हैं उनकी सूची तैयार की जा रही है और उन्हें जल्द लौटने के लिए सख्त नोटिस जारी किया जाएगा.

बता दें कि विशेषज्ञ डॉक्टर के इस्तीफा और लंबी गैर मौजूदगी का सीधा असर गरीब मरीजों पर पड़ा रहा है. जिला अस्पताल की ओपीडी में अब लेवल-1 के डॉक्टर और ईएमओ मरीजों का इलाज कर रहे है. गंभीर मरीजों को इलाज न मिल पाने के कारण सिर्फ रेफर किया जा रहा. जिससे उनकी जान पर जोखिम बना हुआ है.

OPD में AC लगवाने की मांग को लगातार अनसुना किया गया

स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का आलम यह है की ओपीडी कक्ष में कूलर और एसी तक की व्यवस्था नहीं है. भीषण गर्मी में डॉक्टर और मरीज का बुरा हाल हो जाता है. पिछले दिनों इसी गर्मी के कारण बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ए के उपाध्यक्ष की तबीयत तक बिगड़ गई थी. पंकज झा और अन्य चिकित्सकों ने कई बार ओपीडी में एसी लगवाने की मांग की लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसे लगातार अनसुना किया. एक-एक डॉक्टर रोजाना 250 से ज्यादा मरीज देखने को मजबूर है लेकिन बैठने के लिए बुनियादी सुविधाएं भी नदारत है.

इस्तीफ़े से जुड़े अबतक के आँकड़े

जानकारी के मुताबिक जिले में डॉक्टरों की कमी का आंकड़ा डराने वाला है. 5 साल में 7 बड़े इस्तीफा दिए गए हैं. पिछले 5 सालों में दो फिजिशियन एक रेडियोलॉजिस्ट दो महिला चिकित्सक और एक बाल रोग विशेषज्ञ सरकारी नौकरी को अलविदा कर चुके हैं. इनमें से कई अब प्राइवेट प्रैक्टिस की ओर रुख कर रहे है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कोरोना काल के बाद से जिले के 25 डॉक्टर बिना किसी सूचना के लापता है. वही 6 डॉक्टर पीजी करने के बहाने गए और 9 महीने बाद भी वापस नहीं लौटे. जिले में डॉक्टर के कुल 221 पद स्वीकृत है लेकिन वर्तमान में मात्र 87 डॉक्टर ही तैनात है. पूरे जिले में केवल 7 महिला रोग विशेषज्ञ बची है.