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सोनभद्र में NCL कर्मी रमाशंकर मिश्रा को उनकी पत्नी प्रियंका ने ही मारा था! हत्या के बाद बॉडी को ऐसे दी थी चोट

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एनसीएल के सीनियर ओवरमैन रमाशंकर मिश्रा की संदिग्ध मौत का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है. बता दें शक्तिनगर थाना क्षेत्र की बीना कॉलोनी में रहने वाले रमाशंकर की बॉडी 23 अगस्त को सड़क किनारे मिली थी.

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Sonebhadra Murder Case
Sonebhadra Murder Case (Photo AI Generated)
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Sonebhadra Murder Case: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एनसीएल के सीनियर ओवरमैन रमाशंकर मिश्रा की संदिग्ध मौत का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है. बता दें शक्तिनगर थाना क्षेत्र की बीना कॉलोनी में रहने वाले रमाशंकर की बॉडी 23 अगस्त को सड़क किनारे मिली थी. शुरुआत में मामला सड़क हादसे का लग रहा था, लेकिन मृतक के पिता की शिकायत और जांच के बाद पुलिस ने हत्या का मामला बताया. पुलिस ने इस केस में मृतक की पत्नी प्रियंका मिश्रा, उसके कथित ब्वॉयफ्रेंड विकास चौहान समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

पिता ने बहू पर जताया शक

रमाशंकर के पिता रामयश मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में अपनी बहू प्रियंका मिश्रा पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया कि प्रियंका का किसी अन्य युवक के साथ संबंध था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और घटनास्थल के साथ-साथ मृतक से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच शुरू की.  पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और दूसरे उपलब्ध सबूतों की पड़ताल की गई. 27 अगस्त की रात मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच को तेजी से आगे बढ़ाया गया. पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वारदात से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाई गई और करीब 24 घंटे में पूरे मामले का खुलासा कर दिया गया.
 

हत्या की साजिश का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रियंका मिश्रा और विकास चौहान के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध था. पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को रमाशंकर ने प्रियंका और विकास को घर में एक साथ देख लिया था. इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ. आरोप है कि इसी विवाद के बाद प्रियंका और विकास ने मिलकर रमाशंकर की गला दबाकर हत्या कर दी.

हत्या के बाद हादसा दिखाने की कोशिश

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद रमाशंकर के सिर को पत्थर के फर्श पर पटककर चोट पहुंचाई गई. इसके बाद वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कथित योजना बनाई गई. पुलिस का कहना है कि विकास चौहान ने अपने साथियों अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता की मदद ली. शव को गमछे में लपेटकर सड़क किनारे ले जाया गया और उस पर चोट के निशान बनाए गए, ताकि मामला पहली नजर में हादसा लगे.

चारों आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में प्रियंका मिश्रा, विकास चौहान, अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को गिरफ्तार किया है. पुलिस अब चारों से पूछताछ कर वारदात से जुड़े बाकी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है. जांच में सामने आए तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या की पूरी कड़ी जोड़ने का दावा किया है. मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय, उप निरीक्षक अजय कुमार श्रीवास्तव, बीना चौकी प्रभारी समेत कांस्टेबल सत्यम सरोज, अरुण कुमार, अमन सिंह और अमृतलाल शामिल रहे. पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.