माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी और दोनों सालों को पुलिस ने भगोड़ा घोषित किया, पड़ रहे छापे

मुख्तार अंसारी
मुख्तार अंसारी(फोटो: नईम अंसारी/ इंडिया टुडे)

माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी और उनके दोनों साले अनवर रजा तथा आतिफ उर्फ सरजील रजा के खिलाफ मऊ के दक्षिण टोला थाने में पहले से दर्ज गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमे में उनके द्वारा जमानत नहीं कराए जाने के बाद मऊ कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी किया है. इसके बाद मऊ जनपद की तीन थानों की फोर्स मुख्तार अंसारी की पत्नी और उनके दोनों सालों की गिरफ्तारी के लिए गाजीपुर जनपद में उनके निवास और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है. गौरतलब है कि लखनऊ की कोर्ट ने मुख्तार अंसरी के विधायक बेटे अब्बास के खिलाफ पहले ही एनबीडब्ल्यू जारी किया है. अब्बास की खोज में लखनऊ पुलिस पहले ही छापेमारी कर रही है.

अहम बिंदु

मुख्तार अंसारी की पत्नी का एफसीआई गोदाम 3 करोड़ 26 लाख की सम्पति को गैंगस्टर एक्ट के तहत पहले ही जिला प्रशासन द्वारा जब्ती की कार्रवाई के बाद अब पुलिस मऊ के दक्षिण टोला थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे में जमानत नहीं कराए जाने के बाद कोर्ट से आदेश प्राप्त कर उनकी गिरफ्तारी में जुट गई है.

असफा अंसारी और उनके दोनों भाई विकास कंस्ट्रक्शन नामक फर्म में हिस्सेदार हैं. गैंगस्टर एक्ट 14 (1) के तहत दर्ज मुकदमे में पुलिस कोर्ट से एनबीडब्ल्यू और 82 के आदेश को प्राप्त करने के बाद अब उनकी गिरफ्तारी के लिए एक्शन मूड में आ गई है. मऊ के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के रैनी गांव में मुख्तार अंसारी की पत्नी और सालों के नाम एफसीआई गोदाम स्थित था, जिसमें विकास कंस्ट्रक्शन के नाम से फर्म बनाकर यह तीनों हिस्सेदार थे.

जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले में अवैध अतिक्रमण करने और गलत तरीके से सरकारी जमीन को कब्जा करने का मुकदमा दर्ज करते हुए उनके द्वारा किए गए अतिक्रमण को गिराने के बाद मऊ के दक्षिण टोला थाने में सन 2020 में इन तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. बाद में इसी मुकदमे में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था.

मऊ सदर से पूर्व बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी की मुश्किलें अब कम होने का नाम नही ले रही हैं. जहां एक तरफ मुख्तार अंसारी गिरोह आईएस-191 पर लगातार जिला प्रशासन की कार्रवाई जारी है, वहीं दूसरी तरफ मऊ सदर से मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के खिलाफ भी लखनऊ की अदालत ने फर्जी तरीके से असलहा ट्रांसफर करने के मामले में एनबीडब्ल्यू जारी कर 27 जुलाई तक उनको कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है. जिसके बाद लखनऊ से कई टीमें बनाकर पुलिस अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी के लिए प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी कर रही है.

वहीं दूसरी तरफ उनकी पत्नी और सालों की गिरफ्तारी के लिए भी मऊ पुलिस ने कमर कस ली है. मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी और उनके सालों के नाम इस एफसीआई के गोदाम से 15 लाख रुपये महीने की आमदनी मुख्तार अंसारी को होती थी जो अब उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व खाते में जमा हो रही है. सरकारी आंकड़े के मुताबिक इस गोदाम में जो एफसीआई का अनाज रखा जाता था. उसका कांट्रेक्ट जिस कम्पनी के साथ था वह कम्पनी अब सीधे तौर पर सरकारी खजाने में गोदाम के महीने की किराये को जमा करती है. इस गोदाम को 15 बीघे जमीन पर बनाया गया है. जिसको पहले ही जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर दिया है.

मुख्तार अंसारी की पत्नी और उनके दोनों सालों के खिलाफ जारी एनबीडब्ल्यू को लेकर मऊ के एसपी ने बताया कि सन 2020 में मऊ के थाना दक्षिण टोला पर मऊ के तहसीलदार सदर के द्वारा एक मुकदमा दर्ज कराया गया था. जिसमें उनके द्वारा कहा गया था कि विकास कंस्ट्रक्शन के नाम से एक कंपनी है, जिसमें मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी और अन्य पार्टनर के द्वारा कूट रचित दस्तावेजों के द्वारा सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण किया गया था. उसीपर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन लिया गया था. उसी मुकदमे में सभी पर चार्जशीट लगाई गई थी.

मऊ के एसपी अविनाश पांडे ने बताया कि उस आधार पर और अन्य इनके परिवार का जो लंबा अपराधिक इतिहास रहा है उसके आधार पर थाना दक्षिण टोला पर मुकदमा संख्या 20/22 गैंगस्टर अधिनियम उत्तर प्रदेश समाज विरोधी एवं गिरोह बंद गतिविधियां प्रतिछेद अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था. इस क्रम में इनके गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. बार-बार पुलिस के नोटिस की अवहेलना इनके द्वारा तो की ही जा रही है, जो माननीय न्यायालय द्वारा जारी एनबीडब्ल्यू व अन्य प्रक्रिया और नोटिस भी हैं उसकी भी अवहेलना इनके द्वारा किया जा रहा है.

थाना महानगर में कूट रचित दस्तावेजों के द्वारा इनके पुत्र अब्बास अंसारी के द्वारा जो वर्तमान में यहां पर विधायक भी हैं, इनके द्वारा एक शस्त्र लाइसेंस लिया गया था. उसमें भी माननीय न्यायालय के द्वारा कई सम्मान जारी किए जाने के बाद भी इनके द्वारा उपस्थित नहीं हुए जाने के कारण एनबीडब्ल्यू जारी किया गया है. उसी के द्वारा इनको यहां पर आने के लिए जो भी विधिक प्रक्रिया है उसके तहत नोटिस भेजी गई है.

अहम बिंदु

इनके द्वारा उसका अनुपालन नहीं किया गया है. उसी के तहत इनको भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई का अनुपालन कराया गया है. उसी को तामील कराने के लिए हमारे तीन थानों की फोर्स गाजीपुरी स्थित चार जगहों, जिसमें मुख्तार अंसारी के पैतृक मकान और जो इनके ससुराल का पैतृक मकान है. इसमें मुख्तार अंसारी के दोनों साले हैं, अनवर शाह जहां और आतिफ रजा. इन दोनों के खिलाफ भी इसमें एनबीडब्ल्यू जारी था. उसी क्रम में इनके खिलाफ 82 की कार्रवाई की गई है.

अगर इस कार्रवाई का अनुपालन इनके द्वारा नहीं किया जाता है तो अग्रिम सख्त से सख्त जो विधिक कार्रवाई हो सकती है वह उनके खिलाफ अनुपालन में लाई जाएगी. यदि 83 जारी होती है तो उसमें जो कुर्की की प्रक्रिया है वह संपूर्ण और विधिक तरीके से कराई जाएगी. इससे बेहतर है कि यह लोग पुलिस के सामने आ जाएं और अरेस्ट हो जाएं. जो कानूनी प्रक्रिया है उसका सम्मान करें.

इतना लंबा एक आपराधिक इतिहास इस गैंग का रहा है, उसमें कानूनी प्रक्रिया का जो भी अपमान हो चुका है, वह इन सभी के द्वारा किया गया है. इनसे आपके द्वारा यह चेतावनी है कि अगर अब इनके द्वारा कानूनी प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया तो जो कुर्की की कार्रवाई है. वह कानूनी और सख्ती के साथ की जाएगी. अब्बास अंसारी के खिलाफ जो एनबीडब्ल्यू पेंडिंग है, हमें उसकी कॉपी प्राप्त हो गई है. आगे उस कोर्ट के द्वारा क्या निर्णय लिए गए हैं. जो एनबीडब्ल्यू पेंडिंग है उसमें इनके खिलाफ कहीं पर भी कार्रवाई की जा सकती है और मऊ में भी इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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