लखनऊ: रात में सोया अधेड़ हुआ लापता, 5 दिन बाद घर के ही बाहर मिली लाश, पुलिस पर लगे ये आरोप

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर(फोटो: अर्पिता यादव)

लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में 5 दिन से लापता अधेड़ का शव बरामद हुआ है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच के लिए टीमें गठित कर दी है. बताया जा रहा है कि 18 जुलाई को 47 वर्षीय रवि शंकर उर्फ बबलू मिश्रा के लापता होने के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराई थी.

अहम बिंदु

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने 18 जुलाई को पत्नी शशि मिश्रा की तहरीर पर गुमशुदगी तो दर्ज कर ली, लेकिन उसके बाद हाथ पर हाथ धरकर बैठ गई. कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि घर की दूसरी मंजिल की छत से लेकर मेन गेट तक खून पड़ा था और पेट की बीमारी से जूझ रहे रविशंकर मिश्रा और बबलू मिश्रा गायब थे.

दरअसल सरोजिनी नगर इलाके में रहने वाले रविशंकर मिश्रा 18 जुलाई की सुबह लापता हो गए. घर की छत से लेकर मेन गेट तक खून के निशान थे. 18 जुलाई से लापता रविशंकर मिश्रा का शव रविवार को घर के बाहर मिला है. शव पर कई जगह चोट के निशान हैं. एक हाथ पर कई जगह कट के निशान भी हैं. गले पर धारदार हथियार से कट की वजह से खून जमा हुआ था.

शुरुआती पूछताछ में पता चला रविशंकर मिश्रा अपने दो मंजिला मकान की छत पर सोए थे. सुबह जब परिवार व किराएदार सोकर उठे तो रविशंकर मिश्रा घर में नहीं थे, लेकिन छत से लेकर उनके दूसरी मंजिल स्थित कमरे और मेन गेट तक खून पड़ा हुआ था. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मौके पर खून को देखने के बाद भी गंभीरता नहीं दिखाई और लापरवाही बरती. नतीजा 5 दिन बाद घर के बाहर रवि शंकर की लाश लावारिस हालत में पड़ी मिली है.

परिजनों का आरोप है बदमाशों ने रविशंकर मिश्रा को प्रताड़ित किया और फिर उनकी हत्या कर दी. अगर पुलिस घटना वाले दिन के बाद से ही सक्रिय होती तो रविशंकर मिश्रा को बचाया जा सकता था. वहीं दूसरी तरफ डीसीपी मध्य अपर्णा कौशिक का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की गई थी. रविशंकर लंबे समय से बीमार थे. तो आशंका जताई गई कि शायद वह खुद कहीं चले गए, लेकिन अब शव बरामद हुआ है, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. वहीं घटना के खुलासे में पुलिस टीमों को लगा दिया गया है.

सांकेतिक तस्वीर
सुलतानपुर: मां ने कथित तौर पर अपने एक साल के मासूम की हत्या कर दी, पति ने कहा- नाराज थी

संबंधित खबरें

No stories found.
UPTak - UP News in Hindi (यूपी हिन्दी न्यूज़)
www.uptak.in