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सपा नेता अज्जू इसहाक ने नगर आयुक्त को सबके सामने हड़काया वीडियो वायरल, बोले- लॉर्ड हो क्या तुम?

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अलीगढ़ में सपा नेता अज्जू इसहाक और नगर निगम के कमिश्नर के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो वायरल हो रहा है. रेहड़ी-पटरी वालों की समस्याओं को लेकर पहुंचे सपा नेता ने अधिकारी को 'लॉर्ड' कहते हुए जमकर हड़काया.

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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें समाजवादी पार्टी के एक नेता अज्जू इसहाक नगर निगम के आयुक्त (कमिश्नर) को सबके सामने खरी-खोटी सुनाते नजर आ रहे हैं. रेहड़ी-पटरी वालों की समस्याओं को लेकर हुए इस हंगामे के दौरान सपा नेता अजू इसहाक इतने नाराज हो गए कि उन्होंने अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'लॉर्ड' तक कह डाला.आखिर क्या था पूरा विवाद और अधिकारी ने इस पर क्या सफाई दी? आइए जानते हैं.

विवाद की जड़: सिविल लाइंस में हुई मारपीट

पूरा मामला अलीगढ़ के सिविल लाइंस क्षेत्र से शुरू हुआ जहां कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम और रेहड़ी-पटरी वालों के बीच तीखी झड़प और मारपीट हुई . इसी घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने नगर आयुक्त कार्यालय का घेराव किया.नेताओं की मांग थी कि गरीबों के साथ बदसलूकी बंद हो और उन्हें वेंडिंग जोन आवंटित किए जाएं.

"कौन हो तुम?" – जब सपा नेता का पारा चढ़ा

चर्चा के दौरान जब नगर आयुक्त ने कहा कि 'किसी को जगह देना या हटाना मेरा अधिकार नहीं है' तो सपा नेता अज्जू इसहाक भड़क गए उन्होंने सीधे अधिकारी से पूछा, 'बनाना हटाना मेरा... अरे कोई हो तुम? लॉर्ड हो क्या तुम?' इस तीखी बहस का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया जो अब इंटरनेट पर सुर्खियां बटोर रहा है.

नगर आयुक्त की सफाई

विवाद बढ़ता देख नगर आयुक्त ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि कोई हंगामा नहीं हुआ बल्कि एक स्वस्थ वातावरण में चर्चा हुई कि शहर को कैसे व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए. उन्होंने आश्वासन दिया कि जो वेंडर्स अनाधिकृत रूप से काम कर रहे हैं. उन्हें जल्द ही वेंडिंग जोन आवंटित किए जाएंगे ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिल सके.

सपा नेता की मांग: केस वापसी और गरीबों का सम्मान

अज्जू इसहाक ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई गरीबों के हक के लिए है. उन्होंने मांग की कि जिन रेहड़ी-पटरी वालों पर मुकदमा दर्ज हुआ है उसे वापस लिया जाए और उनका जब्त किया गया सामान लौटाया जाए. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चौड़ी सड़कों पर वेंडिंग जोन बनाए जाएं ताकि गरीबों की रोजी-रोटी भी चले और शहर का ट्रैफिक भी प्रभावित न हो.