मुझ पर कोई दबाव नहीं था, खुद यूट्यूब देखकर इस्लाम अपनाया... आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने बयां की अपनी कहानी
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शामली के बहुचर्चित मामले में आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने धर्म परिवर्तन के अपने अनुभव साझा किए हैं. कहा- चांदनी कुरैशी से 4 साल पहले निकाह हुआ था और डॉ. इसरार अहमद के यूट्यूब वीडियो देखकर इस्लाम को समझा.
उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बहुचर्चित धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आ गया है. इस पूरे प्रकरण के केंद्र में रहे युवक आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने सामने आकर अपने धर्म परिवर्तन के अनुभवों को साझा किया है. आयुष ने विस्तार से बताया कि किस तरह उन्होंने धीरे-धीरे इस्लाम को समझा और मोहम्मद अली का नाम अपनाया. पुलिस की जांच और तरह-तरह के दावों के बीच आयुष ने स्पष्ट किया कि उनका यह फैसला किसी बाहरी दबाव में नहीं, बल्कि पूरी तरह से उनकी आंतरिक सोच और व्यक्तिगत यात्रा पर आधारित है.
