यूपी के पूर्व डिप्टी CM बने अंडमान निकोबार के नए उपराज्यपाल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी बड़ी जिम्मेदारी
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Dr Dinesh Sharma: पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. अब उन्हें नई संवैधानिक जिम्मेदारी मिलने पर बीजेपी नेताओं ने बधाई दी है.
Dr Dinesh Sharma: उत्तर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा को अब एक नई और बड़ी जिम्मेदारी मिली है. 5 सितंबर यानी 'शिक्षक दिवस' की देर शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त करने का ऐलान किया है. डॉ. दिनेश शर्मा एडमिरल डीके जोशी की जगह लेंगे.
इस ऐलान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं ने उन्हें बधाई दी है. एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर से शुरू होकर, लखनऊ के मेयर, यूपी के डिप्टी सीएम, राज्यसभा सांसद और अब उपराज्यपाल तक पहुंचने का उनका सफर काफी दिलचस्प रहा है. आइए जानते हैं डॉ. दिनेश शर्मा के इस लंबे राजनीतिक सफर के बारे में.
शिक्षक से शुरू किया सफर
12 जनवरी 1964 को लखनऊ में जन्मे डॉ. दिनेश शर्मा की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में हुई थी. राजनीति में आने से पहले वे लखनऊ विश्वविद्यालय के वाणिज्य (कॉमर्स) विभाग में प्रोफेसर थे.
एबीवीपी से राजनीति में एंट्री
उनका राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ था. इसके बाद उन्होंने बीजेपी संगठन में कदम रखा और वहां अपनी मजबूत जगह बनाई. लखनऊ की राजनीति में उन्हें एक सशक्त और शांत स्वभाव के नेता के रूप में पहचाना जाने लगा.
दो बार बने लखनऊ के मेयर
डॉ. दिनेश शर्मा ने साल 2008 में पहली बार लखनऊ के मेयर का चुनाव जीता था. इसके बाद 2012 में जनता ने उन्हें दोबारा इसी पद पर चुना, जिससे उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई.
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा कद
साल 2014 में डॉ. दिनेश शर्मा को बीजेपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया. इसके साथ ही उन्हें गुजरात प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारी भी सौंपी गई. इस दौरान वह प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने लगे.
यूपी के डिप्टी सीएम बने
साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने, तो डॉ. दिनेश शर्मा को डिप्टी सीएम की कुर्सी सौंपी गई. उन्होंने 2017 से 2022 तक माध्यमिक और उच्च शिक्षा के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग संभाले.
कई बयानों से रहे सुर्खियों में
डिप्टी सीएम रहते हुए डॉ. दिनेश शर्मा अपने कुछ बयानों को लेकर काफी चर्चा में रहे. 2018 में मथुरा में उन्होंने रामायण काल में 'टेस्ट ट्यूब बेबी' तकनीक होने की बात कही थी, जिस पर काफी विवाद हुआ था. इसके अलावा, उन्होंने सपा के पीडीए (PDA) नारे का मतलब 'पीड़ित करना, दगाबाजी और अपराधी को संरक्षण देना' बताकर अखिलेश यादव की पार्टी को बौखला दिया था.
राज्यसभा से अब राजभवन तक
साल 2022 में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया. हालांकि, 2023 में बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेजकर उनका सियासी कद बरकरार रखा. अब उन्हें केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार का उपराज्यपाल बनाकर एक बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी दी गई है. इस नई जिम्मेदारी पर डॉ. शर्मा ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है.
