'विदेशी फंडिंग से देश को अस्थिर करने की तैयारी...' बृजभूषण शरण सिंह ने अभिजीत दीपके पर बोला तीखा हमला!
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दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष के मार्च, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मांगों के बीच अब कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
Brij Bhushan Sharan Singh On Abhijit Deepke: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष के मार्च, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की मांगों के बीच अब कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी और उसके नेता अभिजीत दीपके को लेकर तीखी टिप्पणी की. बृजभूषण सिंह ने कहा कि वह दीपके को गंभीरता से नहीं लेते. साथ ही उन्होंने आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग होने का आरोप लगाया और कहा कि इसके सहारे देश को अस्थिर करने की तैयारी की जा रही है.
अभिजीत दीपके को गंभीरता से नहीं लेते बृजभूषण सिंह
दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर जब बृजभूषण शरण सिंह से कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि वह उनके बयान का जवाब नहीं देते और उन्हें गंभीरता से नहीं लेते. हालांकि, उन्होंने केवल इतनी बात कहकर अपनी प्रतिक्रिया समाप्त नहीं की, बल्कि दीपके और आंदोलन को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए.
बृजभूषण सिंह ने कहा, "हम जानते हैं वो विदेशी फंडिंग है और उसी फंड के सहारे हमारे देश को अस्थिर करने की तैयारी चल रही है." उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन और उससे जुड़े राजनीतिक विवाद पर चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि, विदेशी फंडिंग को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में इस बातचीत में कोई सबूत पेश नहीं किया गया है. अभिजीत दीपके का इस बयान पर क्या पक्ष सामने आता है, यह देखना बाकी है.
'कॉकरोच नाम के जीव इस बार आ नहीं पाए'
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर भी बृजभूषण शरण सिंह के तेवर तल्ख दिखाई दिए. पार्टी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "दो दिन पहले ककरोच नाम के जो जीव हैं इस बार आ नहीं पाए." इसके बाद उन्होंने दावा किया कि उनके अनुसार यह आंदोलन भी कराया जा रहा है. उनके इस बयान में कॉकरोच जनता पार्टी और उससे जुड़े लोगों पर सीधा निशाना दिखाई दिया.
बृजभूषण सिंह ने दिल्ली में प्रदर्शन के कारण आम लोगों को हो रही परेशानियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राजधानी को बंधक बना लिया गया है और एक सप्ताह से वहां की गतिविधियां प्रभावित हैं. उनके मुताबिक, इस स्थिति से कारोबारी, पढ़ने वाले बच्चे, आने-जाने वाले लोग और ऑफिस जाने वाले लोग परेशान हैं. उन्होंने प्रदर्शन के आयोजन और उसके तरीके पर सवाल उठाए.
दिल्ली से दूर प्रदर्शन के लिए जगह तय करने की मांग
बृजभूषण शरण सिंह ने प्रदर्शन को लेकर भारत सरकार से एक अलग व्यवस्था करने की मांग भी रखी. उन्होंने कहा कि दिल्ली से 10, 15 या 20 किलोमीटर दूर कोई मैदान निर्धारित कर दिया जाना चाहिए, जहां प्रदर्शनकारी धरना दे सकें. उनका कहना था कि प्रदर्शन के कारण राजधानी में आम जनजीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए.
उन्होंने जंतर-मंतर पर धरना देने के तरीके पर भी सवाल उठाया. बृजभूषण सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर पर किसी का भी धरना नहीं होना चाहिए. उनके मुताबिक विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली से दूर कोई स्थान तय किया जा सकता है, ताकि प्रदर्शन करने वाले अपनी बात भी रख सकें और राजधानी में लोगों को परेशानी का सामना भी न करना पड़े. यह उनकी ओर से सुझाई गई व्यवस्था थी.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
दरअसल, दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से आवाज उठाई जा रही है. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरों के बीच राजनीतिक माहौल गर्म है. प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर कायम हैं, जबकि इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
इस पूरे घटनाक्रम में चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग चर्चा के केंद्र में है. विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ इसे लेकर नेताओं के बयान भी राजनीतिक बहस को आगे बढ़ा रहे हैं. बृजभूषण सिंह ने भी इसी संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया दी, लेकिन उनका निशाना खास तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी और अभिजीत दीपके रहे.
बयानबाजी के बीच बढ़ा सियासी टकराव
दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. एक तरफ प्रदर्शनकारी अपनी मांग उठा रहे हैं, दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा है. इसी बीच बृजभूषण शरण सिंह के बयानों ने विवाद को एक और राजनीतिक मोड़ दे दिया है. फिलहाल, इस पूरे मामले में आगे प्रदर्शन किस रूप में जारी रहता है, पुलिस की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है और राजनीतिक दल इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं, इस पर नजर रहेगी. बृजभूषण सिंह के बयान के बाद अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी.
