राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए किसी महिला को मिलेगी जिम्मेदारी? सिर्फ 24 घंटे में आ गए 1000+ आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए 24 घंटे में 1000 से ज्यादा आवेदन आए हैं. जानिए नए CEO की जरूरत क्यों पड़ी, चयन प्रक्रिया, योग्यता और इस अहम पद की जिम्मेदारियां.
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Ram Mandir Trust CEO Recruitment News: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए CEO पद के लिए पहली बार भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. इस पद के लिए देशभर से बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया है. बता दें सिर्फ 24 घंटे में ही 1000 से ज्यादा आवेदन ट्रस्ट को मिल चुके हैं. इनमें रिटायर्ड अफसरों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की संख्या सबसे ज्यादा बताई जा रही है. आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई तय की गई है और माना जा रहा है कि अंतिम समय तक दावेदारों की संख्या कई हजार तक पहुंच सकती है.
बनाई गई 3 सदस्यीय सर्च कमेटी
राम मंदिर ट्रस्ट ने नए CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया है. 13 जुलाई को भर्ती नोटिफिकेशन जारी होने के बाद जैसे ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, ट्रस्ट की ओर से जारी आधिकारिक ईमेल पर बड़ी संख्या में आवेदन आने लगे. 24 घंटे के भीतर ही 1000 से ज्यादा लोगों ने इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी. आवेदनों की संख्या उम्मीद से ज्यादा होने के बाद अब सर्च कमेटी के सामने सभी आवेदनों की जांच और योग्य उम्मीदवारों का चयन करना बड़ी चुनौती बन गई है. इसके लिए कमेटी जल्द ही एक सचिव नियुक्त करने की तैयारी कर रही है, जो आवेदनों की छंटनी और पात्रता की जांच में मदद करेगा.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र (न्यास) श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए योग्य जनों से आवेदन आमंत्रित करता है
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 13, 2026
आवेदन की अंतिम तिथि: शनिवार १८ जुलाई २०२६; सायं ४ बजे
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) invites applications from eligible… pic.twitter.com/PHa0MbT5kY
19 जुलाई को होगी सर्च कमेटी की अहम बैठक
जानकारी के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्च कमेटी 19 जुलाई को बैठक करेगी. इस बैठक में आवेदनों की जांच, इंटरव्यू प्रक्रिया और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. शुरुआती छंटनी के बाद योग्य उम्मीदवारों को व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. वहीं जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन इंटरव्यू का विकल्प भी अपनाया जा सकता है. माना जा रहा है कि 22 जुलाई को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में सर्च कमेटी अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश कर सकती है.
क्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिलेगी पहली महिला CEO?
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद को लेकर अब यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या इस अहम जिम्मेदारी के लिए किसी महिला अधिकारी को मौका दिया जाएगा. अयोध्या के राजनीतिक विश्लेषक नीशेंद्र मोहन का कहना है कि ट्रस्ट की मौजूदा संरचना में महिला प्रतिनिधित्व का अभाव है. उन्होंने कहा 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मौजूदा संरचना में एक भी महिला सदस्य नहीं है. न ट्रस्ट के मूल बोर्ड में और न ही उसकी प्रमुख समितियों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व दिखाई देता है. ऐसे में यदि पहली CEO के रूप में किसी महिला की नियुक्ति होती है, तो यह ट्रस्ट के लिए केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक संदेश भी होगा.' उन्होंने आगे कहा कि महिला CEO की नियुक्ति से ट्रस्ट की संस्थागत छवि को अधिक समावेशी बनाने में मदद मिल सकती है और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर उठने वाले सवालों का भी जवाब दिया जा सकता है. हालांकि CEO का अंतिम चयन उम्मीदवारों की योग्यता, प्रशासनिक अनुभव और मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने की क्षमता के आधार पर ही किया जाएगा.
पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भी किया आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन करने वालों में उत्तर प्रदेश कैडर के 1992 बैच के पूर्व चर्चित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का नाम भी शामिल है. उन्होंने खुद इस पद के लिए आवेदन करने की पुष्टि की है. उनके आवेदन के बाद यह पद एक बार फिर चर्चा में आ गया है. CEO पद के लिए देशभर के कई अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों और रिटायर्ड अफसरों ने आवेदन किया है. इस पद को मंदिर परिसर के प्रबंधन, प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं के संचालन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बड़े नामों के हाथों में CEO चयन की जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO का चयन करने वाली सर्च कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी और जाने-माने वैज्ञानिक सुरेश हावड़े शामिल हैं. यही समिति आवेदकों की योग्यता और अनुभव के आधार पर नामों का चयन करेगी.
CEO पद के लिए रखी गई हैं ये शर्तें
ट्रस्ट ने CEO पद के लिए कई कड़े मानदंड भी तय किए हैं. उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए. इसके अलावा उसके पास कम से कम 20 साल का प्रशासनिक अनुभव होना जरूरी है. साथ ही CEO पद के लिए चयनित व्यक्ति को अयोध्या में स्थायी रूप से रहने के लिए तैयार होना होगा. इसके अलावा आवेदक का आस्थावान हिंदू होना, हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना भी जरूरी बताया गया है. इस पद की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी को मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों, व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभानी होगी. यही वजह है कि इस पद के लिए देशभर से बड़ी संख्या में अनुभवी लोगों ने आवेदन किया है.
आखिर क्यों जरुरत पड़ी CEO की?
जानकारी के बाद राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट को मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई. मंदिर में रोजाना आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, बढ़ते दान, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और भविष्य की योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका अहम मानी जा रही है. CEO का पद इसी उद्देश्य से बनाया गया है, ताकि मंदिर से जुड़े सभी व्यवस्थागत कामों की निगरानी एक केंद्रीकृत और पेशेवर तरीके से हो सके. माना जा रहा है कि CEO मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने, विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और आने वाले वर्षों की योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से लागू करने में अहम भूमिका निभाएगा.
नए सीईओ पर क्या-क्या जिम्मेदारी होगी?
नए CEO की जिम्मेदारी मंदिर परिसर की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालना होगी. आने वाले समय में मंदिर की सभी परियोजनाएं पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी, ऐसे में CEO को दर्शन व्यवस्था सुचारू रखने, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और पूरे परिसर का संचालन बिना किसी परेशानी के सुनिश्चित करना होगा. इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ लगातार तालमेल बनाना भी उनकी जिम्मेदारी होगी. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, CEO को श्रद्धालुओं की आस्था बनाए रखने के साथ ट्रस्ट के कामकाज को व्यवस्थित करना और वित्तीय मामलों की निगरानी भी करनी होगी.
