UP की सड़कों का रिएलिटी चेक: सड़क किनारे पलटा डंपर बता रहा है एटा के हालात

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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर गड्ढा मुक्त सड़क का अभियान चलाया है. योगी सरकार ने 15 नवंबर तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अधिकारियों को निर्देश दिया है.

इस बीच, यूपी तक मौजूदा समय में प्रदेश की सड़कों का असल हाल जानने के लिए सड़कों का रिएलिटी चेक कर रहा है. इसी कड़ी में आज हम आपको एटा की सड़कों का हाल बता रहे हैं. पढ़िए एटा से देवेश सिंह की यह खास ग्राउंड रिपोर्ट.

जब हम एटा से गंजडुंडवारा जाने वाली सड़क पर पहुंचे देखा कि सड़क की हालत बहुत खस्ताहाल है. 14.5 किलोमीटर वाली इस सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे ही नहीं मिले, बल्कि गड्ढों में सड़क मिली.

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इसी रोड पर आगे बढ़ने के बाद हम ऑन घाट गांव पर पहुंचे तो देखा कि एक बड़ा सा डंपर सड़क के किनारे खाई में पलटा मिला. डंपर के कंडक्टर से पूछने पर पता चला कि सड़क में बड़े-बड़े गड्ढों के कारण ब्रेक लगाने से यह डंपर पलट गया. जिसमें ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि कंडक्टर को मामूली चोट आई थी. यह स्थिति सिर्फ इस डंपर के साथ ही नहीं, बल्कि आए दिन इधर से गुजरने वाले कमर्शियल और चार पहिया वाहनों के साथ होती रहती हैं.

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स्थानीय लोगों के अनुसार यहां आए दिन गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें या तो लोगों की जान चली जाती है या फिर लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं. बारिश के दिनों में यहां के स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

इसके बाद हम एटा के वाहनपुर सड़क पर पहुंचे तो यहां देखा कि सड़क का कोई नामोनिशान तक नहीं है. सड़क पर सिर्फ मिट्टी और गिट्टी ही नजर आई. यहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है. जिसके कारण इस सड़क से गुजरने वाले वाहनों का पलटना आम बात है. सड़क में गड्ढे होने के कारण दुर्घटनाएं अब आम बात हो गई हैं.

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इसी रोड से गुजरने वाले एक टेंपो ड्राइवर ने बताया कि यहां दिनभर हम 200 रुपये कमाते हैं और गड्ढों के कारण आए दिन नुकसान में हमारे 100 रुपये खर्च हो जाते हैं.

यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क होने के कारण यहां कई बार मरीजों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ती है. इस संबंध में कई बार विधायक से बात की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया.

यहां के निवासी सनोज कुमार राजपूत ने कहा, “सकीट से रिजोर की रोड बहुत खराब है. रोड पर लोगों को चलना मुश्किल हो गया है. सदरपुर गांव से 2 किलोमीटर रोड बनाना बाकी रह गया है. अगर वह रोड बन जाता है तो 39 मार्ग सकीट से हम लोग जुड़ जाएंगे. बारिश के दिनों में लोगों को कम से कम 10 किलोमीटर घूम कर आना पड़ता है.”

एटा नगर के जीटी रोड, एटा-आगरा रोड की स्थिति भी बहुत बदहाल है. यहां भी सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे मिले.

जिले की बदहाल सड़कों को लेकर जब हमने सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू से बात की तो उन्होंने बताया,

अभी गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान चल रहा है. हमने काफी सड़कों को गड्ढा मुक्त कराया है. अपवाद के लिए ऐसी कोई जगह बची होगी तो देख लेंगे और हम जल्दी ही उन सड़कों को गड्ढा मुक्त कर लेंगे.

राजवीर सिंह, सांसद, एटा

जब हमने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सतीश कुमार से जिले की सड़कों की बदहाल स्थिति के बारे में सवाल किया तो उन्होंने बारिश पर दोष मढ़ते हुए कहा, “बरसात होने के कारण हम सड़कों को नहीं बना पाए हैं. अभी जिले में गड्ढा मुक्ति अभियान चल रहा है. हम जल्दी ही इन सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए एक बजट शासन को भेजेंगे और बजट पास होते ही हम जनपद की सड़कों को गड्ढा मुक्त कर देंगे.”

UP की सड़कों का रिएलिटी चेक: गड्ढों का तो पूछिए ही मत, यहां पूरी रोड ही खत्म, हाल आजमगढ़ का

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