यूपी के लिए बड़ी खुशखबरी! इन 6 शहरों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन, जानिए पूरा रूट और टाइमिंग
देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है.
ADVERTISEMENT

Bullet Train North Corridor: देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित रूट दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी होते हुए बिहार की राजधानी पटना, सिलीगुड़ी और असम के गुवाहाटी तक जाएगा. इस कॉरिडोर के बनने से उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के बीच तेज रफ्तार रेल कनेक्टिविटी विकसित होने की उम्मीद है. रेल मंत्री ने अलग-अलग शहरों के बीच प्रस्तावित यात्रा समय की जानकारी भी दी है. इसके मुताबिक दिल्ली से कानपुर पहुंचने में 1 घंटा 45 मिनट और दिल्ली से वाराणसी जाने में करीब साढ़े तीन घंटे लगेंगे.
दिल्ली से कानपुर, लखनऊ और वाराणसी का सफर होगा तेज
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी और नई दिल्ली के बीच नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा को हरी झंडी दिखाने से पहले बुलेट ट्रेन के प्रस्तावित रूट और यात्रा समय के बारे में बताया. उनके मुताबिक बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. दिल्ली से कानपुर पहुंचने में 1 घंटा 45 मिनट और लखनऊ पहुंचने में 2 घंटे 12 मिनट लगेंगे. वहीं, लखनऊ से वाराणसी के बीच की दूरी बुलेट ट्रेन से 1 घंटा 21 मिनट में तय की जा सकेगी. रेल मंत्री ने दिल्ली से वाराणसी का यात्रा समय करीब 3 घंटे 33 मिनट बताया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस सफर को करीब साढ़े तीन घंटे का बताया. फिलहाल यह प्रस्तावित समय है, जिसे कॉरिडोर तैयार होने के बाद हासिल करने की योजना है. इस रूट में उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहर शामिल हैं, जिससे यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने में कम समय लगेगा.
यह भी पढ़ें- दिल्ली से अलीगढ़ के लिए चलेगी EMU स्पेशल ट्रेन, सफर के दौरान गाजियाबाद-मारीपत-दादरी समेत 16 स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज
हवाई यात्रा के मुकाबले कम होगा बुलेट ट्रेन का किराया
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन का किराया किफायती रखने की योजना बनाई जा रही है. उनके मुताबिक इसका किराया हवाई यात्रा के टिकटों की तुलना में काफी कम होगा. रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से युवाओं, मध्यम आय वर्ग और छोटे उद्योगों से जुड़े लोगों को फायदा मिलेगा. तेज रफ्तार रेल सेवा से बड़े शहरों के बीच यात्रा आसान होने के साथ कारोबार और रोजगार से जुड़े लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है. दिल्ली से आगरा, कानपुर, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर आगे बिहार और असम तक जाएगा. इससे अलग-अलग राज्यों के बीच आवागमन के विकल्पों का विस्तार होगा. हालांकि, परियोजना के निर्माण और संचालन से जुड़ी विस्तृत समयसीमा की जानकारी इस दौरान नहीं दी गई.
भारत में तैयार होंगे पिलर और गर्डर
रेल मंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना को पूरी तरह मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट बताया. उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पिलर से लेकर गर्डर तक का काम भारत में ही किया जाएगा. अश्विनी वैष्णव के मुताबिक इस निर्माण कार्य में देश के युवा और वेल्डर भी योगदान देंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुलेट ट्रेन को लेकर विजन आने वाले वर्षों में देश के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकता है. परियोजना में निर्माण से जुड़े काम भारत में किए जाने की बात पर जोर देते हुए रेल मंत्री ने इसे देश की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता से भी जोड़ा. उनके मुताबिक इस तरह की परियोजनाओं से युवाओं को काम करने के अवसर मिलेंगे और देश के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी.
वाराणसी और आसपास के इलाकों को मिलेंगी 10 MEMU ट्रेन सेवाएं
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के ऐलान के साथ रेल मंत्री ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए 10 MEMU सेवाएं शुरू करने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि शहरों के विस्तार के साथ स्थानीय परिवहन की जरूरत भी बढ़ती है. इन सेवाओं के जरिए बनारस सिटी, बनारस कैंट, बनारस स्टेशन और राजातालाब जैसे स्थानों को जोड़ा जाएगा. रेल मंत्री के मुताबिक इन ट्रेनों से शहर के युवाओं, छोटे व्यापारियों, आसपास के क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है. स्थानीय स्तर पर रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से रोजाना सफर करने वाले लोगों को भी लाभ मिल सकता है. वाराणसी और आसपास के इलाकों में यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए इन सेवाओं को महत्वपूर्ण बताया गया है.
यह भी पढ़ें- दिवाली-छठ से पहले यूपी को मिली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, टाइम टेबल भी हो गया जारी
वाराणसी से प्रयागराज रामबाग के बीच भी चलेगी MEMU ट्रेन
अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी और प्रयागराज के बीच भी MEMU सेवा शुरू करने की जानकारी दी. यह ट्रेन प्रयागराज रामबाग से रवाना होकर झूसी, हंडिया खास, ज्ञानपुर रोड, माधोसिंह और राजातालाब होते हुए बनारस पहुंचेगी. रेल मंत्री ने बताया कि यह सेवा रोजाना चलेगी. उन्होंने कहा कि कुल 10 MEMU सेवाएं शुरू की जा रही हैं, जिनसे वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इस रूट में शामिल स्टेशनों के यात्रियों को वाराणसी और प्रयागराज के बीच आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है. स्थानीय यात्रियों के साथ आसपास के क्षेत्रों से शहर पहुंचने वाले लोगों को भी इन सेवाओं का लाभ मिल सकता है. रेल मंत्री ने इन ट्रेनों को क्षेत्र की बढ़ती परिवहन जरूरतों से जोड़कर देखा.
रेल बजट पर क्या बोले रेल मंत्री?
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की योजना तैयार की गई है. इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब साढ़े तीन घंटे रह जाएगा. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया गया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर डिजाइन के साथ विकसित किया गया है. वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर प्रदेश के रेल बजट को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब यूपी को रेलवे के लिए केवल 1,000 करोड़ रुपये मिलते थे. वैष्णव के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपये हो गया है. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश के रेलवे बजट में कई गुना वृद्धि हुई है. इस दौरान रेल मंत्री ने कोलकाता-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की लोकप्रियता का भी जिक्र किया.
