वाराणसी शिक्षक MLC चुनाव में असफल होने के बाद चेत नारायण सिंह ने दिया बयान, बोले- शिक्षक चुनाव का हो चुका है राजनीतिकरण
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Chet Narayan Singh: वाराणसी खंड शिक्षक MLC चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे चेत नारायण सिंह ने चुनाव प्रक्रिया और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षक चुनाव का बाजारीकरण और निजीकरण होने के बाद अब राजनीतिकरण भी हो गया है.
Chet Narayan Singh: वाराणसी खंड शिक्षक विधान परिषद चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, और इस बार भी लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की है. चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने इस चुनाव और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम मुद्दे उठाए हैं. चेत नारायण सिंह का मानना है कि शिक्षक चुनाव का बाजारीकरण और निजीकरण होने के बाद अब इसका पूरी तरह से राजनीतिकरण भी हो चुका है. उन्होंने साफ कहा कि शिक्षकों को अपनी लड़ाई लड़ने के लिए किसी भी राजनीतिक पार्टी के बैनर की जरूरत नहीं है. इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांगने की अफवाहों को भी खारिज किया और शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की है.
बीजेपी से टिकट मांगने की बात अफवाह
चेत नारायण सिंह ने साफ किया कि उन्होंने बीजेपी से कोई टिकट नहीं मांगा था. उन्होंने बताया कि बीजेपी के कुछ पदाधिकारी उनसे मिलना चाहते थे, लेकिन उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया. उनका तर्क था कि चूंकि वह पहले से ही माध्यमिक शिक्षक संघ के घोषित उम्मीदवार थे, इसलिए किसी अन्य पार्टी से बातचीत करने से बेवजह अफवाहें फैलतीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा शिक्षक संघ के समर्थन से ही चुनाव लड़े हैं और भविष्य में भी किसी राजनीतिक दल के नाम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे.
शिक्षा व्यवस्था का हुआ राजनीतिकरण
चुनाव में लाल बिहारी यादव की जीत पर चेत नारायण सिंह ने कहा कि वे वित्तविहीन शिक्षकों के नाम पर राजनीति करते हैं, जबकि इस समय प्रदेश में लगभग 28,000 वित्तविहीन विद्यालय और 3 लाख ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी स्थिति सुधारने के लिए पिछले 6 सालों में कुछ नहीं किया गया. उन्होंने इस बात पर निराशा जताई कि शिक्षक, जो पहले केवल अपनी समस्याओं के लिए वोट करते थे, वे अब पीडीए (PDA) और एनडीए (NDA) जैसे राजनीतिक खेमों में बंट गए हैं. सिंह का मानना है कि शिक्षकों के इस राजनीतिक जुड़ाव से शिक्षा और शिक्षार्थियों के सुधार की दिशा में चल रहा दशकों का संघर्ष अब शून्यता की ओर जा रहा है.
समान शिक्षा नीति की उठाई मांग
चेत नारायण सिंह ने शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए समान स्कूली शिक्षा नीति लागू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि पूरे देश में अलग-अलग बोर्ड और अलग-अलग पाठ्यक्रम होने से गरीब बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में पिछड़ जाते हैं, क्योंकि ये परीक्षाएं मुख्य रूप से सीबीएसई (CBSE) के पाठ्यक्रम पर आधारित होती हैं. उनका मानना है कि सरकार को शिक्षा का भार उठाना चाहिए और सभी बच्चों को एक समान पाठ्यक्रम पढ़ाया जाना चाहिए. 2027 के विधानसभा चुनावों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही वे अब सदन में नहीं हैं, लेकिन पुरानी पेंशन योजना (OPS) और शिक्षकों की अन्य मांगों को लेकर उनका संगठन सड़क पर अपना संघर्ष जारी रखेगा.
