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शादी से एक दिन पहले जान देने वाले दलित BLO सुधीर कोरी के घर रात में पहुंच गए अखिलेश यादव! फिर हुआ ये

नितेश श्रीवास्तव

28 नवंबर की रात अचानक पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव BLO सुधीर कोरी के घर पहुंच गए. इस दौरान अखिलेश यादव ने योगी सरकार और इलेक्शन कमीशन के खिलाफ बड़ा बयान दे दिया. 

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Akhilesh yadav meet BLO sudhir family
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में लेखपाल सुधीर कोरी ने शादी से ठीक एक दिन पहले अपनी जान दे दी. ऐसे में अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आरोप है कि एसआईआर के काम के लिए वरिष्ठ अधिकारी सुधीर के ऊपर लगातार दबाव बना रहे थे और उन्हें उनकी शादी के लिए भी छुट्टी देने से इनकार कर दिया गया था. आरोप ये भी लगा कि सुधीर कोरी को सस्पेंशन लेटर की धमकी भी दी गई थी जिससे आहत होकर बीएलओ सुधीर कोरी ने अपनी जान दे दी. इस मामले को लेकर अब समाजवादी पार्टी ने यूपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. 28 नवंबर की रात अचानक पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए. इस दौरान अखिलेश यादव ने योगी सरकार और इलेक्शन कमीशन के खिलाफ बड़ा बयान दे दिया. 

अचानक रात में सुधीर कोरी के परिवार से मिलने पहुंचे अखिलेश

मृतक सुधीर कोरी के घर पहुंचे अखिलेश यादव ने उनके परिवार के साथ बैठकर बात की जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं. इस दौरान अखिलेश यादव ने सुधीर के परिजनों को 2 लाख की आर्थिक सहायता भी दी. पीड़ित परिवार से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कई तीखे सवाल उठाए और आरोप लगाए. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी हार के बाद अब तरीके निकाल रही है कि कैसे चुनावी परिणामों को बदला जाए.'उन्होंने कहा कि यूपी जैसे देश के सबसे बड़े राज्य में जहां सबसे ज्यादा मतदाता हैं वहां एसआईआर को लेकर इतनी जल्दीबाजी और इतना प्रेशर क्यों दिया जा रहा है?

इस दौरान अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि इलेक्शन कमीशन ने बीजेपी से मिलकर जानबूझकर एसआईआर की वो तारीखें तय की हैं जब शादियां और त्यौहार ज्यादा हैं और लोग व्यस्त रहेंगे.  उन्होंने आरोप लगाया कि तारीख बीजेपी ने दी हैं और एसआईआर के लिए घोषणा इलेक्शन कमीशन ने किया है. उन्होंने कहा कि सरकार और इलेक्शन कमीशन की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष चुनाव हो और वोटर लिस्ट निष्पक्ष बने. लेकिन यहां इस तरह की चीजें की जा रही हैं जिससे लेखपाल की जान चली गई.

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