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दिवाली-छठ से पहले यूपी को मिली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, टाइम टेबल भी हो गया जारी

दिल्ली और वाराणसी के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 31 अक्टूबर 2026 को शुरू होने जा रही है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे हरी झंडी दिखाएंगे. ट्रेन में फर्स्ट AC, सेकंड AC और थर्ड AC के 16 कोच होंगे, जिनमें 823 यात्रियों के सफर की व्यवस्था है.

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दिल्ली और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने जा रही है. 31 अक्टूबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. पूरी तरह AC ट्रेन होगी, जिसमें रात में सफर करने के लिए सोने की बर्थ मिलेंगी. ट्रेन में फर्स्ट AC, सेकंड AC और थर्ड AC के कुल 16 कोच होंगे.

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, उद्घाटन के दिन ट्रेन वाराणसी से शाम 4:30 बजे रवाना होगी और रात 1:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. नियमित संचालन के लिए रेलवे बोर्ड ने अलग समय-सारिणी तय की है. इसी दिन वाराणसी से प्रयागराज रामबाग और वाराणसी सिटी से राजा तालाब के बीच दो MEMU ट्रेनें भी शुरू की जाएंगी.

वाराणसी से दिल्ली जाने वाली ट्रेन का समय क्या होगा?

रेलवे बोर्ड से मंजूर कार्यक्रम के अनुसार, नियमित सेवा में ट्रेन नंबर 27421 वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होगी. अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन नंबर 27422 नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलेगी और अगली सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंचेगी.

ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी. वाराणसी और नई दिल्ली के अलावा इसके ठहराव प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल और चिपियाना बुजुर्ग में बताए गए हैं. यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले रेलवे की ओर से जारी अंतिम समय-सारिणी और स्टॉपेज की जानकारी जरूर देखनी चाहिए.

16 कोच में 823 यात्रियों के सफर की व्यवस्था

वंदे भारत स्लीपर पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन है. इसमें कुल 16 कोच होंगे और 823 यात्रियों के सफर की व्यवस्था होगी. कोच का बंटवारा इस तरह किया गया है:

  • फर्स्ट AC: 1 कोच
  • सेकंड AC: 4 कोच
  • थर्ड AC: 11 कोच

ट्रेन में लंबी दूरी के रात के सफर को आरामदायक बनाने के लिए कई सुविधाएं दी गई हैं. यात्रियों को अपनी बर्थ के पास पढ़ने के लिए लाइट, तीन-पिन वाले पावर सॉकेट और USB टाइप-A व टाइप-C चार्जिंग पोर्ट मिलेंगे. कोच में LED लाइटिंग, बड़ी खिड़कियां और सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह भी होगी.

फर्स्ट AC कोच में गर्म पानी की सुविधा वाला शॉवर दिया गया है. ट्रेन में ऑनबोर्ड वाई-फाई, आपात स्थिति में कर्मचारियों से संपर्क करने के लिए टॉक-बैक सिस्टम और ट्रेन में तैनात कर्मचारियों के लिए अलग बर्थ की व्यवस्था भी की गई है.

160 की रफ्तार से चल सकती है, लेकिन सीमा 130 किमी प्रति घंटा

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन की डिजाइन के हिसाब से इसकी अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है. हालांकि, रेल मंत्रालय की ओर से 2024 में लागू की गई गति सीमा के कारण एक्सप्रेस और मेल ट्रेनें रेल नेटवर्क पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से नहीं चल सकतीं.

सुरक्षा के लिए ट्रेन में कवच टक्कर-रोधी सिस्टम लगाया गया है. इसके अलावा सभी कोच में आग का पता लगाने और अलार्म देने की व्यवस्था, कोच के सिरों पर फायर-बैरियर दरवाजे, CCTV कैमरे, इमरजेंसी अलार्म और आपात स्थिति में यात्रियों को बाहर निकालने की सुविधाएं दी गई हैं.

रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुविधाओं के साथ भारत में विकसित किया गया है. इसमें ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है.

कितना होगा टिकट का किराया?

नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर का आधिकारिक किराया अभी जारी नहीं हुआ है. रेलवे अधिकारी के मुताबिक, ट्रेन में मिलने वाली सुविधाओं को देखते हुए इसका किराया इस रूट पर चलने वाली दूसरी ट्रेनों से कुछ ज्यादा रहने की उम्मीद है. 

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2026 में कामाख्या-हावड़ा रूट पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू की थी. उस रूट पर चलने वाली साराइघाट एक्सप्रेस की तुलना में वंदे भारत स्लीपर का किराया थर्ड AC में 72 फीसदी, सेकंड AC में 58 फीसदी और फर्स्ट AC में 16 फीसदी ज्यादा बताया गया था. हालांकि, यह तुलना कामाख्या-हावड़ा रूट की है, इसे दिल्ली-वाराणसी ट्रेन के किराये का सीधा अनुमान नहीं माना जाना चाहिए.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन क्यों है खास?

वंदे भारत स्लीपर को लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए तैयार किया गया है. इसमें बैठकर सफर करने के बजाय सोने की बर्थ, आधुनिक चार्जिंग सुविधाएं, बेहतर रोशनी और सुरक्षा इंतजाम दिए गए हैं. दिल्ली और वाराणसी के बीच चलने से उत्तर प्रदेश के यात्रियों को रात में यात्रा कर सुबह अपने गंतव्य के करीब पहुंचने का विकल्प मिलेगा. प्रयागराज और कानपुर में ठहराव होने से इन शहरों के यात्रियों को भी इसका लाभ मिल सकता है.

रेलवे ने उद्घाटन के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की है. हालांकि, टिकट की कीमत और नियमित यात्रा के लिए बुकिंग से जुड़ी जानकारी आधिकारिक किराया अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

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