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उत्तर प्रदेश में खुलेंगे 500 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, युवाओं के लिए बनेंगे रोजगार के नए मौके

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए 'जीसीसी इनोवेशन समिट 2026' में हिस्सा लिया. इस बड़े कार्यक्रम में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के क्षेत्र में निवेश, नई खोजों और यूपी की बढ़ती ताकत पर विस्तार से बातचीत हुई है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए 'जीसीसी इनोवेशन समिट 2026' में हिस्सा लिया. इस बड़े कार्यक्रम में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के क्षेत्र में निवेश, नई खोजों और यूपी की बढ़ती ताकत पर विस्तार से बातचीत हुई. यह समिट प्रदेश में नई तकनीक से जुड़े विकास और निवेश के मौकों को बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी माना जा रहा है. आज के समय में उत्तर प्रदेश पूरे भारत में सबसे ज्यादा विदेशी निवेश लाने वाले टॉप तीन राज्यों में अपनी जगह बना चुका है. मुख्यमंत्री योगी ने सभी उद्योगपतियों से यूपी के विकास और निवेश अभियान से जुड़ने की अपील की है. आने वाले दिनों में इसके बहुत अच्छे नतीजे दिखेंगे और यूपी निवेश के साथ-साथ रोजगार का भी नया बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा.

यूपी में काम कर रही कंपनियां

उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से काम हो रहा है. यहां एडवर्ब और विवो जैसी बड़ी नामी कंपनियां पहले से ही काम कर रही हैं, जिससे राज्य की आर्थिक तरक्की हो रही है. इसके साथ ही, राज्य सरकार आईआईटी कानपुर, ट्रिपल आईटी लखनऊ और अन्य बड़े शिक्षण संस्थानों की मदद से नई तकनीकी परियोजनाओं को भी तेजी से विकसित कर रही है.

उद्योगों के लिए नई खास नीतियां

प्रदेश की सरकार ने नई स्टार्टअप नीति और राज्य एआई मिशन के जरिए नई खोजों वाली अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है. राज्य की जीसीसी पॉलिसी 2024 में कंपनियों को काफी सहूलियतें दी गई हैं. इसमें लैंड इंसेंटिव, पेरोल इंसेंटिव और एससी-एसटी रीइंबर्समेंट जैसे कई बड़े फायदे शामिल हैं. इन सभी सुविधाओं से उद्योगपतियों को अपना काम बढ़ाने के लिए काफी उत्साह मिल रहा है.

आने वाले सालों के बड़े लक्ष्य

सरकार ने साल 2030-31 तक 4 करोड़ वर्ग फीट का शानदार और विश्व स्तर का ऑफिस स्पेस तैयार करने का बड़ा लक्ष्य रखा है. इसके अलावा राज्य में 500 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की भी योजना है. इन सभी कोशिशों से भविष्य में तकनीकी, मशीन लर्निंग, प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, फाइनेंस और एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के बहुत सारे नए मौके बनेंगे.