UP की इन पार्टियों का नाम तक नहीं जानते लोग, फिर भी मिला करोड़ों का चंदा, पड़े IT के छापे

UP की इन पार्टियों का नाम तक नहीं जानते लोग, फिर भी मिला करोड़ों का चंदा, पड़े IT के छापे
तसवीर: सिमर चावला, यूपी तक

गैर मान्यता प्राप्त पॉलिटिकल पार्टियों के खिलाफ बुधवार को देशभर में इनकम टैक्स ने छापेमारी की. दौरान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित कई शहरों में आयकर विभाग ने छापेमारी की जिसकी वजह से पूरे दिन हड़कंप के हालात रहे. आयकर विभाग द्वारा लखनऊ में राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के घर पर छापेमारी की गई. वहीं कानपुर और मऊ में जन राज्य पार्टी के कार्यालय पर आयकर विभाग ने छापा मारा और जांच पड़ताल की.

अहम बिंदु

आयकर विभाग द्वारा लखनऊ में स्थित राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के आवास पर सुबह 9:00 बजे से कार्रवाई शुरू हुई. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय लखनऊ के लाल कुआं इलाके में रहते हैं. आयकर विभाग द्वारा यहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए जाने की जानकारी मिली है जिसको लेकर टीम जांच पड़ताल कर रही है.

इसी तरह सुल्तानपुर में अपना देश पार्टी के कार्यालय पर इनकम टैक्स ने रेड डाली. सूत्रों के अनुसार इस कार्यालय से भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की चर्चा है. कानपुर में जनता पार्टी के कार्यालय समेत तीन स्थानों पर छापेमारी की गई. बताते चलें कि वर्तमान समय में पार्टी कोई राजनीतिक गतिविधि नहीं कर रही थी. लेकिन इसके बावजूद पार्टी द्वारा 10 करोड़ से ज्यादा का चंदा इकट्ठा करने की चर्चा सामने आ रही है.

जनराज्य पार्टी के अध्यक्ष के कार्यालय एयर आवास में मऊ में भी छापेमारी हुई.यहां पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और चार्टर्ड अकाउंटेंट रविशंकर भारत के आवास और दफ्तर पर इनकम टैक्स की टीम ने धावा बोल दिया.

वाराणसी से इनकम टैक्स की टीम सुबह ही मऊ पहुंच गई थी और पूरे दिन जांच पड़ताल की. रविशंकर भारत जन राज्य पार्टी से 2022 में मुबारकपुर से चुनाव भी लड़ चुके हैं. यही नहीं रविशंकर भारत ने घोसी और लखनऊ से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था. बताया जा रहा है कि रविशंकर भारत के वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज सहित कई कार्यालयों और ठिकानों पर इनकम टैक्स की जांच पड़ताल चल रही है.

काले धन को कर रहे सफेद?

सूत्रों के अनुसार राजनीतिक दलों को संचालकों के माध्यम से चंदा दिया जा रहा है और काले धन को सफेद करने के लिए नकद वापस दिया जा रहा है.जानकारी के अनुसार जून माह में चुनाव आयोग को सूचना के बाद अवैध लेन-देन और राजनीतिक दलों को चंदा देने की शिकायत की गई जिसके बाद आयकर ने अपनी जांच शुरू की.

दरअसल राजनीतिक दल आयकर अधिनियम की धारा 13 ए के तहत कर लाभ का दावा करते रहे हैं.हालांकि, जांच में पाया गया कि ज्यादातर पार्टियां अवैध गतिविधियों में लिप्त रही हैं.चुनाव आयोग द्वारा फर्जी राजनीतिक दलों की जांच के सिलसिले में कानपुर के काकादेव, केशव नगर और किदवई नगर में आज आयकर विभाग की तीन टीमों ने छापेमारी की.

सूत्रों के अनुसार वर्ष 2020-21 में उत्तर प्रदेश की जन राज्य पार्टी को 2 करोड़ 67 लाख 68 हजार 803 रुपये, वर्ष 2019-20 में 3 करोड़ 33 लाख 11 हजार 740 रुपये, जबकि वर्ष 2018-19 में दो करोड़ 61 लाख 96 हजार 602 रु. इन चार वर्षों में मिलना पाया गया. जन राज्य पार्टी को पूरे देश से कुल ₹11 करोड़ 50 लाख 25 हजार 145 का चंदा मिला. जिसे बाद में संचालकों के माध्यम से लोगों को नकद के रूप में लौटा दिया गया.

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