अखिलेश को था चीते की 'दहाड़' का इंतजार? पर दहाड़ता तो शेर है, अब लोग उड़ा रहे मजाक, पढ़ें

अखिलेश को था चीते की 'दहाड़' का इंतजार? पर दहाड़ता तो शेर है, अब लोग उड़ा रहे मजाक, पढ़ें
तस्वीर कोलाज: यूपी तक.

17 सितंबर को पीएम मोदी का जन्मदिन होता है. सोशल मीडिया पर सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक पीएम मोदीके जन्मदिन पर दिनभर सोशल मीडिया गुलजार रहता है. समर्थक और विरोधी, दोनों तरफ से मजमा जमा रहता है. और इस बार यह मजमा थोड़ा रोचक हो गया क्योंकि पीएम मोदी के बर्थडे संग दुनिया के सबसे तेज भागने वाले जानवार चीते का भी जिक्र शुरू हो गया. इस बीच अखिलेश यादव ने चीते को लेकर इशारों इशारों में पीएम मोदी का मजा लेने की कोशिश की लेकिन एक ऐसी चूक कर बैठे कि अब लोग उन्हीं का मजा लेने लगे हैं.

अहम बिंदु

आपको इस मामले को विस्तार से बताएंगे उससे पहले पीएम मोदी के जन्मदिन और चीतों के कनेक्शन के बारे में जान लीजिए. असल में पीएम मोदी शनिवार यानी आज 17 सितंबर को 72 साल के हो गए और इसी दिन उन्होंने प्रोजेक्ट चीता के तहत मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़ा है. पीएम मोदी ने विशेष विमान से 10 घंटे की अंतरमहाद्वीपीय उड़ान के बाद लकड़ी के विशेष पिंजरों में भारत पहुंचे आठ चीतों में से तीन चीतों को एक मंच से लीवर चलाकर केएनपी में बनाए गए विशेष बाड़े में छोड़ दिया.

अखिलेश ने चीता प्रकरण में एंट्री ली और हो गई ये 'गलती'

पीएम मोदी से जुड़ा कोई इवेंट है और चौतरफा चर्चा न हो, ऐसा होते नहीं देखा गया है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ. पीएम मोदी और चीता प्रोजेक्ट की चर्चा भी सोशल मीडिया पर जबर्दस्त चली. इसी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एंट्री ले ली. उन्होंने एक चीते का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, 'सबको इंतज़ार था दहाड़ का… पर ये तो निकला बिल्ली मौसी के परिवार का.' इस वीडियो में चीता आवाज निकालता देखा जा सकता है और अखिलेश बिना नाम लिए पीएम मोदी पर तंज कसते नजर आ रहे हैं.

अखिलेश यादव के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

पर सवाल यह है कि चीता दहाड़ता है या शेर?

इसी के साथ जुड़ा सवाल यह है कि चीता आखिर बोलता कैसा है? अगर आपको इस बात का कंफ्यूजन है कि चीता शेर की दहाड़ता है तो इस आर्टिकल में हम आपका यह कंफ्यूजन दूर करने वाले हैं.

पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट में चीते के बारे में विस्तार से बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक चीता महज तीन सेकंड में 100 मीटर की दौड़ लगा सकता है जो अधिकतर कारों से कहीं तेज है लेकिन वह आधा मिनट से ज्यादा अपनी यह रफ्तार कायम नहीं रख सकता. यह रफ्तार कितनी ज्यादा है इसे इस बात से समझ सकते हैं कि दुनिया के सबसे तेज धावक और ओलंपिक चैम्पियन उसेन बोल्ट का 100 मीटर की स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड 9.89 सेकंड है.

नामीबिया स्थित गैर लाभकारी ‘चीता कंजर्वेशन फंड’ (सीसीएफ) के मुताबिक चीते के पैर के तलवे सख्त और अन्य मांसाहारी जंतुओं की तुलना में कम गोल होते हैं. इसने कहा कि उनके पैर के तलवे किसी टायर की तरह काम करते हैं जो उन्हें तेज, तीखे मोड़ों पर घर्षण प्रदान करते हैं. दिल्ली चिड़ियाघर के रेंज अधिकारी सौरभ वशिष्ठ ने कहा कि चीते दिन के दौरान सक्रिय रहते हैं और वे सुबह तथा दोपहर में देर तक शिकार करते हैं. उन्होंने कहा कि चीता अकसर जंगली प्रजातियों का शिकार करता है और घरेलू जानवरों का शिकार करने से बचता है, हालांकि बीमार या घायल और बूढ़ा या युवा या गैर अनुभवी चीता घरेलू मवेशियों को भी शिकार बना सकता है.

चीता अपना ज्यादातर वक्त सोते हुए बिताता है और दिन में अत्यधिक गर्मी के दौरान बहुत कम सक्रिय रहता है। शेर, बाघ, तेंदुए और जगुआर के मुकाबले चीते दहाड़ते नहीं हैं. मादा चीते की गर्भावस्था महज 93 दिन की होती है और वह छह शावकों को जन्म दे सकती हैं.

अहम बिंदु

यानी अगर आपको चीते की दहाड़ का इंतजार था तो अबतक आप समझ गए होंगे कि यह शेर की तरह दहाड़ता तो है नहीं. नेशनल जियोग्राफिक की वेबसाइट पर भी चीते के बारे में फैक्ट्स बताए गए हैं. इसमें भी लिखाया गया है कि शेर, बाघ, तेंदुए की तरह चीता Roar (दहाड़) नहीं करते बल्कि Purr (बिल्ली जैसे म्याऊं या घुरघुराहट वाली आवाज) करते हैं. इस आर्टिकल को यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ा जा सकता है.

अगर अभी भी आपको कोई डाउट हो कि चीता कैसे आवाज निकालता है, तो हमने यहां नीचे नेट जियो वाइल्ड के यूट्यूब चैलन का एक वीडियो भी एंबेड कर दिया है जो सिर्फ चीतों के बारे में भी है.

संबंधित खबरें

No stories found.
UPTak - UP News in Hindi (यूपी हिन्दी न्यूज़)
www.uptak.in