माफिया मुख्तार अंसारी के लोअर कोर्ट से बरी होने के बाद हाईकोर्ट से कैसे मिली सजा? जानें

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(फाइल फोटो)फोटो: इंडिया टुडे आर्काइव

बांदा जेल में बंद पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को एक हफ्ते में दूसरी बार हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सजा सुनाई है. दो दिन पहले ही जेलर को धमकी देने के मामले में मुख्तार अंसारी को हाईकोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई थी. अब दो दिन बाद लखनऊ के जेलर आर के तिवारी की हत्या के बाद मुख्तार अंसारी पर लगाए गए गैंगस्टर एक्ट के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 5 साल की सजा सुना दी है. क्या था यह गैंगस्टर एक्ट का मामला, जिसमें लोअर कोर्ट से बरी होने के बाद हाई कोर्ट से मुख्तार अंसारी को सजा सुनाई गई है.

अहम बिंदु

जानिए क्या था वो मामला

4 फरवरी 1999 को उत्तर प्रदेश के सबसे सुरक्षित भवन, राजभवन से महज 100 मीटर की दूरी पर लखनऊ के तत्कालीन जेलर आरके तिवारी की बाइक सवार दो बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी. आरके तिवारी को आठ गोली मारी गई. घटना को उस वक्त अंजाम दिया गया जब जेलर आरके तिवारी डीएम लखनऊ के आवास से एक सरकारी बैठक में शामिल होकर वापस जेल जा रहे थे.

आरके तिवारी हत्याकांड में जेलर घनश्याम की तरफ से दो अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. इसी घटना के बाद तत्कालीन इंस्पेक्टर हजरतगंज तेजपाल वर्मा ने मुख्तार अंसारी और उसके गैंग पर गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज करवाई थी. पुलिस ने इस मामले में मुख्तार अंसारी और अभय सिंह समेत 25 लोगों को आरोपी बनाया और 22 मुकदमों का गैंग चार्ट पुलिस ने तैयार कर गैंगस्टर एक्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी.

मामला लखनऊ के एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रायल पर गया. एमपी एमएलए कोर्ट ने 23 दिसंबर 2020 को मुख्तार अंसारी अभय सिंह समेत सभी 25 आरोपियों पर लगे गैंगस्टर एक्ट के केस को खारिज कर दिया गया.

कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा पुलिस के गैंग चार्ट में जितने भी 22 केस लिखे हैं उनमें या तो आरोपी बरी हो गए या अब तक चार्जशीट नहीं दाखिल हुई. वहीं लोअर कोर्ट ने गैंग बनाकर अपराध करने की दलील को यह कहकर खारिज कर दिया कि पुलिस ने कोई भी ऐसी संपत्ति पेश नहीं की जिससे यह साबित हो कि आरोपी गैंग बनाकर अपराध कर रहा है और उस अपराध से संपत्ति जुटाई गई है. पुलिस ऐसी किसी भी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दे पाई.

लोअर कोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में रिव्यू पिटीशन दाखिल की जिसे हाईकोर्ट ने 27 अप्रैल 2021 को मंजूर कर लिया. हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस डीके सिंह के सिंगल बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य आरोपी मुख्तार अंसारी को 5 साल की सजा और 50,000 का जुर्माना लगाया है.

हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुनाते हुए साफ कहा कि गैंग चार्ट में दर्ज हुए केस में भले ही आरोपी बरी हो गया हो या केस खारिज हो गया हो, लेकिन अगर यह साबित हो कि आरोपी गैंग बनाकर अपराध कर रहा है, लोगों को धमकाया जा रहा है, कानून व्यवस्था बिगाड़ी जा रही है, तो गैंगस्टर एक्ट में सजा सुनाई जा सकती है.

मुख्तार के बाद अभय सिंह की बढ़ी मुश्किलें

मुख्तार अंसारी के बाद अब सपा विधायक अभय सिंह की भी मुश्किलें बढ़ेंगी. हाई कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में मुख्तार अंसारी को 5 साल की सजा सुना दी है. ऐसे में गैंगस्टर एक्ट केस में मुख्तार अंसारी के साथ दूसरे नंबर के मुख्य आरोपी और वर्तमान में सपा विधायक अभय सिंह के लिए भी मुश्किलें बढ़ेंगी.

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मुख्तार को गैंगस्टर केस में मिली 5 साल की सजा, जेलर को धमकाने पर मिल चुकी है 7 साल की जेल

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