गोरखपुर से उठी बगावत की चिंगारी! एमएलसी टिकट न मिलने पर भाजपा के संजयन त्रिपाठी हो जाएंगे सपा में शामिल?

यूपी तक

03 Oct 2026 (अपडेटेड: 03 Oct 2026, 10:43 AM)

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में टिकट कटने पर संजयन त्रिपाठी ने गाड़ी से बीजेपी का झंडा उतारा. 6 साल की निष्ठा का सम्मान न मिलने का आरोप लगाते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की.

Sanjayan Tripathi

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आगामी एमएलसी (विधान परिषद) चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है. इसी बीच गोरखपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अंदरखाने हलचल मचा दी है. गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 6 सालों से दावेदारी कर रहे संजयन त्रिपाठी का टिकट कटने के बाद उनका दर्द सार्वजनिक रूप से छलक पड़ा. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें संजयन त्रिपाठी भावुक होकर रोते हुए अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा उतारते नजर आ रहे हैं. उन्होंने पार्टी पर निष्ठा का सम्मान न करने का आरोप लगाया है और स्पष्ट किया है कि वे अब निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे.

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देवरिया जिले के मटलार डिग्री कॉलेज में हिंदी विभाग के एचओडी रहे संजयन त्रिपाठी ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 6 वर्षों तक पार्टी के हर निर्देश का निष्ठापूर्वक पालन किया और समर्पण भाव से काम किया. इसके बावजूद पार्टी ने उनका टिकट काटकर एक ऐसे व्यक्ति (ध्रुव त्रिपाठी) को उम्मीदवार बना दिया, जो पार्टी के प्राथमिक सदस्य तक नहीं थे. संजयन त्रिपाठी ने कहा, "यह बगावत नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार है. जब नदी की अविरल धारा को रोकने की कोशिश की जाती है, तो वह अपना रास्ता खुद बनाती है. मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरे साथ जुड़े लोग हैं." संजयन त्रिपाठी 2022 में बीजेपी में शामिल हुए थे, जबकि इससे पहले वे 2006, 2007, 2010 और 2016 में निर्दलीय तथा कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा व विधान परिषद के चुनाव लड़ चुके हैं.

संजयन त्रिपाठी का टिकट कटने और उनके बागी रुख के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चाएं तेज हो गई हैं कि समाजवादी पार्टी उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है. हालांकि सपा ने इस सीट पर पहले ही कमलेश यादव को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जिससे संजयन त्रिपाठी को सपा का समर्थन मिलने के गणित पर सवाल उठ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, बीजेपी द्वारा प्रत्याशी बनाए गए ध्रुव त्रिपाठी तीन बार माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) से एमएलसी रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. फिलहाल संजयन त्रिपाठी के निर्दलीय चुनाव लड़ने के फैसले और बीजेपी के प्रति नाराजगी ने इस एमएलसी चुनाव के मुकाबले को काफी दिलचस्प और चर्चित बना दिया है.