'सबसे पहले तो मैं...' राज्यसभा टिकट मिलने के बाद श्रुति गंगवार का पहला रिएक्शन

यूपी तक

05 Oct 2026 (अपडेटेड: 05 Oct 2026, 05:26 PM)

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद श्रुति गंगवार ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह उनके साथ-साथ महिलाओं के लिए भी सम्मान की बात है और वह महिला नेतृत्व व नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी.

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उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. इनमें दो महिला चेहरे हैं- प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार. टिकट मिलने के बाद श्रुति गंगवार का पहला रिएक्शन सामने आया है.

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श्रुति ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि यह सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए भी बड़े सम्मान की बात है. मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है, इसके लिए वह आभार व्यक्त करती हैं. 

उन्होंने कहा कि आज बात महिला नेतृत्व और पॉलिसी मेकिंग में महिलाओं की अग्रणी भूमिका की हो रही है और पार्टी का फैसला उस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर और महिला शक्ति पर जो भरोसा जताया है, उसे वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने की कोशिश करेंगी.

'पूरा बरेली मेरा परिवार है'

राज्यसभा का टिकट मिलने के बाद श्रुति गंगवार ने अपने बरेली कनेक्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पूरा बरेली उनका परिवार है और बरेली के लोगों ने उन्हें जो स्नेह और आशीर्वाद दिया है, उसे वह हमेशा याद रखेंगी.

श्रुति ने अपने पिता और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बरेली के लिए की गई लंबी राजनीतिक सेवा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जिस सेवा भाव और सहजता के साथ उनके पिता ने बरेली और यहां की जनता के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनका प्रयास उसी कार्यशैली को आगे बढ़ाने का रहेगा.

कौन हैं श्रुति गंगवार?

श्रुति गंगवार बीजेपी के वरिष्ठ नेता संतोष गंगवार की बेटी हैं. संतोष गंगवार लंबे समय तक बरेली से बीजेपी के सांसद रहे हैं और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. मई 2019 में वह आठवीं बार बरेली से लोकसभा सांसद चुने गए थे. फिलहाल वह झारखंड के राज्यपाल हैं.

बरेली से श्रुति गंगवार का राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव भी रहा है. राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के दिन सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक वह अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष भी हैं.

पिता की लंबी राजनीतिक पारी के बाद अब बेटी को राज्यसभा का टिकट

श्रुति गंगवार को राज्यसभा का टिकट मिलने के बाद उनके पिता संतोष गंगवार की राजनीतिक विरासत भी चर्चा में है. संतोष गंगवार 1989 में पहली बार बरेली से लोकसभा पहुंचे थे और इसके बाद लंबे समय तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया. वह केंद्र की अलग-अलग सरकारों में मंत्री भी रहे हैं.

अब बीजेपी ने उनकी बेटी श्रुति गंगवार को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है. पार्टी की आठ उम्मीदवारों की सूची में वह दूसरी महिला उम्मीदवार हैं. 

महिला नेतृत्व पर दिया जोर

श्रुति गंगवार ने टिकट मिलने के बाद अपने राजनीतिक भविष्य की बात करने के बजाय महिला नेतृत्व और नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने इसे महिलाओं के लिए सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी ने महिला शक्ति पर जो विश्वास जताया है, उसे जिम्मेदारी के साथ पूरा करने का प्रयास करेंगी.

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