उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है. बिजनौर में बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हाजी दानिश ने अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव की बयार बह रही है और शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली तथा अपने अधिकारों के मुद्दों पर खुलकर सपा के पक्ष में मतदान कर रहे हैं.
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पुरानी पेंशन और मानदेय को लेकर सपा का बड़ा चुनावी एजेंडा
हाजी दानिश का कहना है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही साफ कर दिया है कि सरकार बनने पर सदन में सबसे पहले पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी. सपा प्रत्याशी ने वादा किया कि अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों (Aided Colleges) में कम वेतन पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों, व्यावसायिक शिक्षकों, अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के स्थायीकरण को लेकर पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसे अपने घोषणापत्र में भी शामिल किया गया है.
बीजेपी के दावों पर पलटवार
बीजेपी प्रत्याशी सिंह ढिल्लों के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए हाजी दानिश ने इसे उनकी 'हताशा' करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कार्यकाल में बीजेपी सरकार ने शिक्षकों की पुरानी पेंशन छीनी, विहीन साथियों का मानदेय रोका, स्कूलों के समय में एक घंटे की वृद्धि की और टीईटी (TET) जैसी प्रक्रियाओं के नाम पर शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. इन्हीं सब वजहों से शिक्षक वर्ग अब बदलाव चाहता है.
विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल
हाजी दानिश ने इस शिक्षक एमएलसी चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव का 'सेमीफाइनल' बताते हुए दावा किया कि शिक्षक और कर्मचारी वर्ग पूरी ताकत के साथ समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है और इस चुनाव में सपा की जीत तय है.
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