अखिलेश ने सीएम योगी को किस सीट से चुनाव लड़ने की दी चुनौती? कहा- दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा

मयंक शुक्ला

• 05:31 PM • 08 Oct 2026

अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को इतना भरोसा है तो खुद चुनाव मैदान में उतरें.

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री बड़े-बड़े दावे करते हैं. अगर उन्हें इतना ही भरोसा है तो उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस बार सिर्फ अयोध्या ही नहीं, पूरे प्रदेश की जनता दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी.

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अखिलेश बोले- बीजेपी को प्रत्याशी नहीं मिल रहा

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपना प्रत्याशी उतार दिया है, लेकिन उसके बाद से बीजेपी को कोई नया प्रत्याशी नहीं मिल पा रहा है. इसी बात को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और कहा कि अगर मुख्यमंत्री इतने आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव मैदान में उतरें.

अखिलेश ने कहा, "बड़े दावे करते हैं और जो बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर इतना ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़ के दिखाएं."

'दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा'

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जिस तरह दूध का दूध और पानी का पानी करने की बात करते हैं, इस बार जनता उनका ही पानी उतार देगी. उन्होंने कहा कि यह चुनौती सिर्फ अयोध्या तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता के सामने है.

कृष्ण-सुदामा की दोस्ती का भी किया जिक्र

अपने भाषण में अखिलेश यादव ने श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन प्रेम नहीं टूटना चाहिए. उनके मुताबिक श्रीकृष्ण ने सुदामा जैसे गरीब व्यक्ति को भी अपने साथ रखा. 

अखिलेश ने इसे पीडीए से जोड़ते हुए कहा कि समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान मिलना चाहिए. कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के लिए ऊंच-नीच का कोई भेद नहीं था. भागवत कथा भी यही रास्ता दिखाती है कि अपमानित और उपेक्षित व्यक्ति को सम्मान मिले.

'सत्ता आती-जाती है, प्रेम नहीं टूटना चाहिए'

अखिलेश यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता एक मिसाल है. उन्होंने कृष्ण के गोपियों के साथ संबंध का भी जिक्र किया और कहा कि शायद धरती पर इसका दूसरा उदाहरण नहीं है. उनका कहना था कि भागवत कथा में समाज के आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए भी संदेश है और यह कथा हमेशा चलती रहेगी.

अखिलेश ने अपने भाषण में संविधान की रक्षा की बात भी कही. उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं है. सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन समाज में प्रेम और सम्मान बना रहना चाहिए.

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