5 बार विधायक, योगी सरकार में मंत्री... धर्मपाल सिंह को अब BJP ने दिया राज्यसभा का टिकट, कौन हैं ये?

यूपी तक

• 04:27 PM • 05 Oct 2026

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए 8 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. इनमें उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह का नाम भी शामिल है. पार्टी ने इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग वर्गों के नेताओं को मौका दिया है.

Dharmapal Singh

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BJP Rajya Sabha Candidate Dharmapal Singh: भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए 8 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. इनमें उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह का नाम भी शामिल है. पार्टी ने इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग वर्गों के नेताओं को मौका दिया है. 8 उम्मीदवारों में 3 OBC, 2 SC और 3 अपर कास्ट से हैं. धर्मपाल सिंह OBC वर्ग की लोधी बिरादरी से आते हैं और फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री हैं.

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1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचे

धर्मपाल सिंह का सक्रिय राजनीतिक सफर 1996 में शुरू हुआ, जब वह सितंबर-अक्टूबर 1996 में पहली बार तेरहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए. इसके बाद उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता लगातार बनाए रखी. विधायक बनने के कुछ ही समय बाद उन्हें राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी मिली. मार्च 1997 में धर्मपाल सिंह को  मायावती के मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री बनाया गया. इस दौरान उनके पास लोक निर्माण एवं पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी रही. सितंबर 1997 में उन्होंने कल्याण सिंह, राम प्रकाश तथा राजनाथ सिंह के मंत्रिमंडल में भी राज्य मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली. इस दौरान उन्हें पंचायती राज एवं श्रम विभाग का स्वतंत्र प्रभार दिया गया.

2002 में दूसरी बार विधायक बने

फरवरी 2002 में धर्मपाल सिंह दूसरी बार चौदहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए. विधायक के तौर पर उनके इस कार्यकाल में उन्होंने विधानसभा की अलग-अलग समितियों में भी जिम्मेदारियां निभाईं. वर्ष 2002-2003 में वह सरकारी आश्वासन संबंधी समिति के सदस्य रहे, जबकि 2003 से 2007 तक सार्वजनिक उपक्रम निगम समिति के सदस्य रहे. अक्टूबर 2002 में धर्मपाल सिंह को मायावती मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री, श्रम के स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद 2006-2007 में वह लोक लेखा समिति के सदस्य रहे. इस तरह विधानसभा में रहते हुए उन्होंने सरकार से जुड़े अलग-अलग विभागों और समितियों में काम किया.

2012 में तीसरी बार विधायक बने

मार्च 2012 में धर्मपाल सिंह तीसरी बार सोलहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए. वर्ष 2012 से 2017 के बीच उन्होंने भाजपा विधान मंडल दल में उपनेता की जिम्मेदारी संभाली. यह उनके राजनीतिक सफर का वह दौर था, जब विधानसभा में उनकी भूमिका संगठन और पार्टी की राजनीति से भी जुड़ी रही.

2017 में चौथी बार जीत और योगी सरकार में मंत्री पद

मार्च 2017 में धर्मपाल सिंह चौथी बार सत्रहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए. इसी वर्ष योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली. मार्च 2017 में उन्हें सिंचाई एवं सिंचाई यांत्रिकी विभाग का मंत्री बनाया गया.

2022 में पांचवीं बार विधायक बने

धर्मपाल सिंह ने अपनी चुनावी पकड़ को आगे भी कायम रखा. मार्च 2022 में वह अट्ठारहवीं विधानसभा के लिए पांचवीं बार निर्वाचित हुए. इसके बाद योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में उन्हें एक बार फिर मंत्री की जिम्मेदारी मिली. वर्तमान में धर्मपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री हैं. मार्च 2022 में उन्हें पशुधन एवं दुग्ध विकास के साथ राजनीतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज तथा नागरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई थी. उनके मौजूदा प्रोफाइल में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के मंत्री के तौर पर उनका उल्लेख है.

राजनीति से पहले कैसा रहा सफर?

धर्मपाल सिंह का राजनीतिक सफर सीधे विधानसभा से शुरू नहीं हुआ था. प्रोफाइल के मुताबिक वह 1981 से 1988 तक गौरी शंकर माध्यमिक इंटरमीडिएट कॉलेज में प्रधानाचार्य रहे. इसके बाद 1988 से 1993 तक बरेली के मझगवां के ब्लॉक प्रमुख रहे. साल 1993 से 1996 तक उन्होंने कृषि उत्पादन मंडी समिति के सभापति की जिम्मेदारी संभाली. धर्मपाल सिंह के प्रोफाइल में गौरीशंकर महाविद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय अब्दुल्ला के संरक्षक के तौर पर भी उनका उल्लेख है. उनकी विशेष अभिरुचियों में अध्यापन एवं कृषि, चावल कटी, भक्ति और संगीत शामिल हैं. इससे उनके राजनीतिक जीवन के साथ शिक्षा और कृषि क्षेत्र से जुड़े जुड़ाव की भी जानकारी मिलती है.

राजनीतिक आंदोलन के दौरान जेल भी गए

धर्मपाल सिंह के प्रोफाइल में यह भी दर्ज है कि राजनीतिक आंदोलन के दौरान वह जिला कारागार बरेली में बंदी रहे. यानी सक्रिय राजनीति में आने से पहले और उसके दौरान उनका जुड़ाव राजनीतिक गतिविधियों से रहा.

विधायक से राज्यसभा के उम्मीदवार तक का सफर

धर्मपाल सिंह की राजनीतिक यात्रा करीब तीन दशक से ज्यादा समय में कई पड़ावों से गुजरी है. 1980 के दशक में अध्यापन और स्थानीय राजनीति से जुड़े रहने के बाद 1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचे. इसके बाद वह 2002, 2012, 2017 और 2022 में भी विधायक निर्वाचित हुए. अलग-अलग सरकारों में मंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है.

BJP की नई राज्यसभा सूची में अहम नाम

उत्तर प्रदेश से भाजपा ने राज्यसभा के लिए धर्मपाल सिंह के अलावा राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्या सागर सोनकर, गोपी कृष्णा पाण्डेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है. पार्टी की इस सूची में धर्मपाल सिंह का नाम इसलिए भी अहम है क्योंकि वह मौजूदा समय में योगी सरकार में मंत्री हैं और लंबे समय से प्रदेश की विधानसभा तथा राजनीति में सक्रिय रहे हैं.