गोरखपुर में सपा प्रत्याशी के साथ दिखे बीजेपी MLC, क्या संजयन त्रिपाठी के बाद देवेंद्र प्रताप सिंह भी करेंगे बगावत?

रजत सिंह

• 12:22 PM • 24 Oct 2026

UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव के दौरान पूर्वांचल में बीजेपी की अंदरूनी कलह चर्चा में है. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के साथ बीजेपी के मौजूदा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह की तस्वीर सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है.

Sanjayan Tripathi and Devendra Pratap Singh

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UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में एमएलसी की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग खत्म हो चुकी है. लेकिन इस चुनाव के दौरान पूर्वांचल में बीजेपी के अंदर बड़ी कलह देखने को मिली है. पहले गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के नेता संजयन त्रिपाठी को टिकट नहीं मिलने पर वह पार्टी छोड़कर सपा में चले गए और टिकट लेकर मैदान में उतर गए. इसके बाद अब मतदान के दिन बीजेपी के एक और बड़े नेता और मौजूदा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह बागी संजयन त्रिपाठी के साथ हंसते हुए दिखाई दिए हैं. इस तस्वीर के सामने आने से बीजेपी के अंदर खुली बगावत होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. 

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दरअसल गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में बने पोलिंग बूथ पर चुनाव के दौरान यह दिलचस्प नजारा देखने को मिला है.  सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी और बीजेपी के वर्तमान एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह का मतदान के दिन एक साथ दिखाई देना एक बड़े राजनीतिक संदेश की तौर पर देखा जा रहा है.  अनुमान यह भी है कि अब इन दोनों नेताओं के एक साथ आने से चुनाव परिणामों पर भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है. इतना ही नहीं जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं की एक साथ अखबारों में विज्ञापन के लिए तस्वीरें भी छपी हैं. 

बीजेपी एमएलसी क्यों चल रहे नाराज?

देवेंद्र प्रताप सिंह की नाराजगी का कारण एक हालिया कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है. उनका आरोप है कि बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में उनका अपमान किया गया था और उन्हें मंच से उतार दिया गया था. इसके बाद उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि यह शिक्षकों का अपमान है और शिक्षक खुद तय करेंगे कि जहां अपमान हो, वहां वोट नहीं करना है.

सपा प्रत्याशी संजय त्रिपाठी की कहानी

इस पूरे घटनाक्रम में दिलचस्प बात यह है कि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार संजयन त्रिपाठी भी पहले बीजेपी से ही टिकट मांग रहे थे. जब बीजेपी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया तो वह इससे काफी नाराज हुए और उन्होंने अपना पाला बदल लिया. इसके बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और अब सपा के टिकट पर मैदान में हैं.

क्या बगावत का दिखेगा कोई असर?

बीजेपी के अंदर मची इस बगावत को शांत करने के लिए बड़े नेताओं ने कोशिश भी की थी. पंकज चौधरी और राजा भैया की मुलाकात को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा था कि शायद देवेंद्र प्रताप सिंह को मना लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र काफी बड़ा है, जिसमें बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और गोरखपुर जैसे कई जिले आते हैं. अब देखना यह है कि इस खुली बगावत का असर चुनाव परिणामों पर कितना पड़ता है और क्या इससे 2027 के चुनाव की तस्वीर भी बदलेगी.

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