1 साल बाद बदली वाराणसी के दालमंडी की तस्वीर! चौड़ीकरण प्लान में आए थे 187 भवन, कितने हटे?

रोशन जायसवाल

• 05:07 PM • 05 Oct 2026

वाराणसी के दालमंडी इलाके की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है. काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए बनाए जा रहे सुगम मार्ग के चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत भवनों को हटाने का काम लगभग पूरा हो गया है. करीब एक साल से चल रहे इस अभियान में कुल 187 भवन चौड़ीकरण की जद में आए थे, जिनमें छह मस्जिदें भी शामिल थीं.

Varanasi Dalmandi News

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Varanasi Dalmandi News: वाराणसी के दालमंडी इलाके की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है. काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए बनाए जा रहे सुगम मार्ग के चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत भवनों को हटाने का काम लगभग पूरा हो गया है. करीब एक साल से चल रहे इस अभियान में कुल 187 भवन चौड़ीकरण की जद में आए थे, जिनमें छह मस्जिदें भी शामिल थीं. सोमवार को अंतिम चरण में पांच और भवनों को डिस्मेंटल किया गया. पीडब्ल्यूडी के मुताबिक अब करीब 172 से 173 भवन पूरी तरह हटाए जा चुके हैं. इसके साथ ही डिमोलिशन का काम पूरा हो गया है. अब सड़क, वाटर लाइन और सीवर लाइन से जुड़े काम पर जोर है और दिसंबर के अंत तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

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60 फीट चौड़ा होगा काशी विश्वनाथ जाने का रास्ता

दालमंडी में चल रहा यह प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते को पहले के मुकाबले ज्यादा चौड़ा और सुगम बनाने के लिए शुरू किया गया था. इलाके की संकरी गलियों और घनी आबादी के बीच से होकर मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता अब नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है. योजना के तहत करीब 60 फीट चौड़ी और साढ़े 600 मीटर लंबी सड़क बनाई जानी है. सड़क तैयार होने के बाद मौजूदा संकरी गलियों के मुकाबले मंदिर तक पहुंचना आसान होगा. करीब सवा 200 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में भवनों को हटाने का काम सबसे अहम चरणों में से एक था.

187 भवन आए थे चौड़ीकरण की जद में

प्रोजेक्ट के लिए दालमंडी इलाके में कुल 187 भवनों की पहचान की गई थी. इनमें छह मस्जिदें भी शामिल थीं. प्रशासन ने मस्जिद कमेटी के सहयोग से इन मस्जिदों को भी चौड़ीकरण की जरूरत के अनुसार आंशिक या पूर्ण रूप से हटाया. भवनों को एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से हटाया गया. सोमवार को पांच और भवनों को डिस्मेंटल किए जाने के बाद इस हिस्से का अंतिम काम भी पूरा कर दिया गया. पीडब्ल्यूडी के अनुसार अब सड़क चौड़ीकरण की जद में आए भवनों को हटाने का काम बाकी नहीं है.

172 से 173 भवन पूरी तरह हटाए गए

पीडब्ल्यूडी के वाराणसी के अधिशासी अभियंता केके सिंह के मुताबिक दालमंडी में डिस्मेंटलिंग का फाइनल चरण सोमवार को पूरा किया गया. इस दौरान करीब पांच भवनों को हटाया गया. उन्होंने बताया कि अब तक 172 से 173 मकान पूरी तरह डिस्मेंटल किए जा चुके हैं. जिन भवनों पर पहले काम शुरू हो चुका था, वहां भी आधे से ज्यादा हिस्सा पहले ही हटाया जा चुका था. अंतिम पांच भवनों के हटने के साथ डिमोलिशन का चरण पूरा हो गया. भवनों को हटाने के लिए पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद ली गई.

भवन मालिकों को 132 करोड़ रुपये का मुआवजा

चौड़ीकरण की जद में आए भवनों को हटाने की प्रक्रिया के साथ प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का काम भी किया गया. अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि अब तक भवनों के लिए 132 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है. प्रशासन और संबंधित पक्षों के सहयोग से चरणबद्ध तरीके से भवनों को हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ी. अधिकारियों के मुताबिक इसी सहयोग के कारण दालमंडी में ध्वस्तीकरण का काम अंतिम चरण तक पहुंच सका.

अब सड़क निर्माण से जुड़े काम पर जोर

भवनों को हटाने के बाद प्रोजेक्ट का अगला महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है. अब इलाके में सड़क और उससे जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक वाटर लाइन और सीवर लाइन का काम अभी जारी है. इन दोनों व्यवस्थाओं का काम पूरा होना सड़क निर्माण के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण है. फिलहाल दालमंडी में उन जगहों पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है, जहां भवनों को हटाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.

नवंबर में पूरा हो सकता है वाटर-सीवर का काम

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह के मुताबिक दालमंडी इलाके में वाटर लाइन और सीवर लाइन का काम नवंबर महीने में पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद सड़क से जुड़े बाकी काम को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि वाटर और सीवर का काम पूरा होने के बाद प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने में करीब एक से डेढ़ महीने का समय लग सकता है. इसी समय-सीमा के आधार पर दिसंबर के अंत तक पूरा सुगम मार्ग तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

करीब एक साल से चल रहा है चौड़ीकरण अभियान

दालमंडी चौड़ीकरण का प्रोजेक्ट करीब एक साल पहले शुरू हुआ था. इस दौरान घनी आबादी वाले इलाके में चरणबद्ध तरीके से भवनों को हटाने का काम किया गया. प्रोजेक्ट के तहत सड़क को चौड़ा करने के साथ उससे जुड़ी दूसरी व्यवस्थाओं को भी विकसित किया जाना है. अधिकारियों के मुताबिक प्रशासन का पूरा सहयोग मिलने से भवनों को हटाने का काम निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा और अब इसका अंतिम चरण भी पूरा हो गया है. इससे प्रोजेक्ट के सबसे बड़े हिस्से में से एक बाधा दूर हो गई है.

दालमंडी की संकरी गलियों को मिलेगा नया स्वरूप

दालमंडी लंबे समय से संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाके के तौर पर जाना जाता है. इसी क्षेत्र से होकर काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते को चौड़ा करने की योजना बनाई गई थी. अब 60 फीट चौड़ी सड़क तैयार होने के बाद इस मार्ग का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा. करीब साढ़े 600 मीटर लंबे इस रास्ते को तैयार करने के लिए भवनों को हटाने का काम पूरा हो चुका है. अब सड़क और दूसरी सुविधाओं का निर्माण ही मुख्य फोकस है.

दिसंबर तक तैयार होगा सुगम मार्ग

करीब एक साल के अभियान के बाद दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है. 187 भवनों में से 172 से 173 भवन पूरी तरह डिस्मेंटल किए जा चुके हैं और अंतिम पांच भवनों को भी सोमवार को हटा दिया गया. छह मस्जिदें भी चौड़ीकरण की जद में थीं, जिन्हें मस्जिद कमेटी के सहयोग से जरूरत के अनुसार आंशिक या पूर्ण रूप से हटाया गया. अब वाटर लाइन और सीवर लाइन का काम नवंबर में पूरा करने की उम्मीद है. इसके बाद करीब एक से डेढ़ महीने में बाकी काम पूरा करने का लक्ष्य है. अधिकारियों की योजना के मुताबिक दिसंबर के अंत तक 60 फीट चौड़ी और साढ़े 600 मीटर लंबी सड़क काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए तैयार हो सकती है.