मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी की संयुक्त रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक और अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है. ड्यूटी पर तैनात उप निरीक्षक (SI) चौबे सिंह शराब के नशे में धुत पाए गए और अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए. उनकी यह हालत देख वहां मौजूद लोग और अन्य पुलिसकर्मी दंग रह गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने आरोपी उप निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
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पुलिस विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चौबे सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं. विभाग द्वारा कराई गई चिकित्सकीय जांच में भी नशे की पुष्टि हुई है. ड्यूटी के दौरान एक जिम्मेदार अधिकारी का इस तरह का आचरण न केवल पुलिस की छवि को धूमिल करता है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है. विभाग की इस त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और पुलिस प्रशासन की तत्परता को भी उजागर करती है. कानून व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों के लिए यह एक कड़ा सबक है कि वे अपनी ड्यूटी को गंभीरता से लें. पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण रैलियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारी अधिक सजग और अनुशासित होकर कार्य करेंगे ताकि जनता का विश्वास बना रहे.
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