Mirzapur Wheat Crisis: सरकारी क्रय केंद्रों से गेहूं को लाकर भारतीय खाद्य निगम एवं राज्य भंडारागार निगम के गोदाम में रखे जाने में बरती जा रही हीलाहवाली का परिणाम यह है कि गेहूं बरसात के पानी में भींगकर बर्बाद होने लगे हैं.
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बताते चलें कि पीईजी विंध्याचल गोदाम में गेहूं डिस्पैच की गाड़ी से गेहूं का उतार नहीं हो रहा है, जिससे सड़क पर गोदाम से लेकर एक किमी तक सरकारी गेहूं लदें ट्रकों का लगा लंबा कतार लगा हुआ है, इससे ट्रकों पर लदा हुआ गेंहू का बोरा बरसात में भींग कर नष्ट हो रहा है इससे सड़ने का अंदेशा बढ़ जाने के साथ ट्रक चालकों को भी परेशान होते हुए देखा जा रहा है.
भारतीय खाद्य निगम एवं राज्य भंडारागार निगम डिपो के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लगातार जिलाधिकारी व अन्य उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना की जा रही है, जिससे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है. दूसरी ओर गोदाम से लेकर सड़क पर ट्रकों का लंबा जाम लगा होने से आवागमन में भी भारी परेशानी उत्पन्न हो रही है.
मज़े की बात है कि इतने के बाद भी भारतीय खाद्य निगम एवं राज्य भंडारागार निगम डिपो के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नींद नहीं खुल रही है. ऐसे में इस बात की आशंका बनी हुई है कि कहीं यह लापरवाही भारी न पड़ जाएं.
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