मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले में अदालत ने साहिल और मुस्कान को मौत की सजा सुनाई है. मुस्कान को फांसी की सजा मिलने के बाद अब उसकी एक मासूम बच्ची के भविष्य को लेकर बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. मुस्कान ने जेल में रहते हुए एक बेटी को जन्म दिया था, जो अब करीब एक साल की हो गई है. फांसी की सजा का ऐलान होने के बाद अब सबसे बड़ी चिंता यही है कि आखिर इस छोटी बच्ची की जिम्मेदारी कौन लेगा.
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बच्ची को अपनाने से किया इंकार
मुस्कान के परिवार वाले पहले से ही उसकी बड़ी बेटी की परवरिश कर रहे हैं, इसलिए उनके लिए इस दूसरी बच्ची की देखभाल करना काफी मुश्किल है. दूसरी तरफ, सौरभ के परिवार वालों ने भी इस मासूम को अपनाने से साफ इंकार कर दिया है. दोनों परिवारों की अपनी-अपनी मजबूरियों के कारण इस छोटी बच्ची का भविष्य पूरी तरह से अनिश्चित हो गया है.
मासूम बच्ची को भेजा जाएगा अनाथालय
जानकारी के मुताबिक अगर दोनों परिवारों में से कोई भी बच्ची को नहीं अपनाता है, तो उसका पालन-पोषण किसी संस्थान द्वारा ही किया जाएगा. ऐसे में पूरी संभावना है कि इस मासूम को अनाथालय भेजा सकता है. यह पूरी घटना समाज में लोगों की जिम्मेदारी और मानवाधिकारों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती है.
बच्ची के भविष्य को लेकर चिंता
अदालत से मौत की सजा मिलने का मतलब यह नहीं है कि दोषियों को तुरंत फांसी दे दी जाएगी. अभी उनके पास ऊपरी अदालतों में अपील करने के रास्ते खुले हुए हैं. लेकिन इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के बीच बच्ची के भविष्य और उसकी सही परवरिश को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है. ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि मासूम को सम्मान के साथ जीने का हक मिले और समाज भी संवेदनशील होकर उसका सहारा बने.
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