फांसी की सजा के बाद जेल में रविता की बिगड़ी तबीयत, पति को सांप से डंसवाकर मारने के मामले में प्रेमी संग जेल में है बंद

उस्मान चौधरी

• 11:55 AM • 17 Oct 2026

मेरठ में पति की हत्या कर उसे सांप से डंसवाने का नाटक करने के मामले में मौत की सजा पाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अदालत का फैसला सुनने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई.

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Meerut Ravita News: मेरठ में पति की हत्या कर उसे सांप से डंसवाने का नाटक करने के मामले में मौत की सजा पाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अदालत का फैसला सुनने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई. बताया गया कि सजा सुनते ही दोनों फूट-फूटकर रोने लगे और उन्होंने अपने मुंह पर हाथ रख लिया. दोनों नीचे बैठ गए और रात में खाना भी नहीं खाया. जेल प्रशासन के मुताबिक, उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि अदालत उन्हें मौत की सजा भी सुना सकती है. फैसले के बाद से दोनों की मानसिक स्थिति पर नजर रखी जा रही है. उनकी काउंसलिंग भी कराई गई है.

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रविता को मिला कैदी नंबर 399, अमरदीप बना 400

अदालत से मौत की सजा मिलने के बाद रविता और अमरदीप को जेल में कैदी नंबर आवंटित कर दिए गए हैं. रविता का कैदी नंबर 399 है, जबकि अमरदीप को 400 नंबर दिया गया है. जेल प्रशासन ने दोनों को पहनने के लिए कपड़े भी उपलब्ध करा दिए हैं. वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक सजा सुनाए जाने के बाद दोनों की मानसिक स्थिति को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है. दोनों को इस मुश्किल परिस्थिति से उबरने में मदद देने के लिए काउंसलिंग भी कराई गई है. जेल प्रशासन उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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रविता की तबीयत बिगड़ी

जेल में आने के बाद रविता की तबीयत खराब हो गई थी. वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि उसे बुखार की गोली दी गई है. दोनों की स्थिति को देखते हुए उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अमरदीप पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है, जबकि रविता की देखरेख के लिए एक महिला कर्मचारी को लगाया गया है. जेल प्रशासन का कहना है कि सजा के बाद दोनों की मानसिक स्थिति पर निगरानी जरूरी है. इसी वजह से उनकी गतिविधियों और स्वास्थ्य का लगातार ध्यान रखा जा रहा है.

रविता को मिलेगा बैग सिलने का काम

जेल प्रशासन ने रविता को बैग सिलने के काम में लगाने की व्यवस्था की है. वहीं, अमरदीप को अभी तक कोई काम आवंटित नहीं किया गया है. दूसरी तरफ, रविता और सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाली मुस्कान को अलग-अलग बैरक में रखने की तैयारी है. बताया गया कि दोनों पहले अक्सर आपस में बातचीत करती थीं, लेकिन अब उनकी बैरक अलग होंगी. जेल प्रशासन ने दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की है. मौत की सजा के बाद जेल में उनकी दिनचर्या और निगरानी को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं.

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मुस्कान ने अपील करने का फैसला लिया

सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाली मुस्कान ने अभी तक अपने परिजनों को कोई पत्र नहीं लिखा है. उसने जेल से ही अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है. इसके लिए सरकारी वकील उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जेल प्रशासन ने स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को पत्र लिखकर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की पहल की है. वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, गंभीर मामलों में बंद अन्य कैदी भी ऐसे फैसलों को लेकर चिंतित और डरे हुए हैं. मेरठ जेल के इतिहास में पहली बार दो महिला बंदियों को एक साथ मौत की सजा सुनाई गई है. फिलहाल जेल प्रशासन रविता और मुस्कान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.